Reliance Market Cap

मुकेश अंबानी की Reliance ने रचा एक और इतिहास, मार्केट कैप 12 लाख करोड़ पार

New Delhi: Reliance Market Cap: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक और रेकॉर्ड अपने नाम किया। शेयर बाजार में छाई तेजी के कारण कंपनी का मार्केट कैप 12 लाख करोड़ को पार कर गया।

यह भारत की पहली कंपनी है जिसका मार्केट कैप (Reliance Market Cap) 12 लाख करोड़ रुपये को पार किया है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर रिलायंस के शेयरों ने अपने लाइफ टाइम हाई, 1858 रुपये के स्तर को छुआ। केवल 11 कारोबारी सत्र में कंपनी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया।

मार्केट कैप 12.16 लाख करोड़ पर बंद

बाजार बंद होने पर रिलायंस का मार्केट कैप (Reliance Market Cap) करीब 12 लाख 16 हजार करोड़ यानी 163.1 बिलियन डॉलर आंका गया। कुल बाजार पूंजीकरण में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सामान्य शेयरों का बाजार पूंजीकरण करीब 11 लाख 76 हजार करोड़ रहा और उसके आंशिक भुगतान शेयरों का बाजार पूंजीकरण करीब 44,442 करोड़ रु आंका गया।

रिलायंस का पार्शियली पेड यानी आंशिक भुगतान वाला शेयर भी सोमवार को अपने उच्चतम स्तर पर कामकाज कर रहा था। शेयर 896 रु के भाव पर खुला और 958.70 रु के उच्चतम स्तर को छुआ। पिछले दिन के भाव के मुकाबले आज रिलायंस का आंशिक भुगतान शेयर 8.12% चढ़कर 952.90 रु पर बंद हुआ।

रिलायंस दुनिया में अभी 58 नंबर पर

रिलायंस इंडस्ट्रीज बहुत जल्द दुनिया की टॉप-50 कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो सकती है। मार्केट कैप के लिहाज से यह दुनिया में अभी 58 नंबर पर है। इसका मार्केट कैप 151 अरब डॉलर है। यह यूनिलीवर, चाइना मोबाइल और मैकडोनाल्ड्स जैसी कंपनियों से ज्यादा है। यूनिलीवर का मार्केट कैप 146 अरब डॉलर है और यह दुनिया में 60वें स्थान पर है। चाइना मोबाइल 143 अरब डॉलर मार्केट कैप के साथ 61वें स्थान पर और मैकडोनाल्ड्स 141 अरब डॉलर के साथ 62वें स्थान पर है।

अंबानी दुनिया के टॉप-10 अमीर में शामिल

हाल ही में मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप-10 अमीर लोगों की लिस्ट में शामिल हुए थे। उनकी कुल संपत्ति 64.5 अरब डॉलर है। कुछ महीने पहले की बात है जब उनसे एशिया के सबसे अमीर का तमगा छिन गया था और अलीबाबा के जैक मा उनसे आगे निकल गए थे।

सऊदी अरामको दुनिया की सबसे महंगी कंपनी

दुनिया की टॉप कंपनियों की बात करें तो सऊदी अरामको दुनिया की सबसे महंगी कंपनी है। उसका मार्केट कैप 1765 अरब डॉलर है। दूसरे नंबर पर ऐपल है जिसका मार्केट कैप 1525 अरब डॉलर है। माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 1489 अरब डॉलर, ऐमजॉन का मार्केट कैप 1324 अरब डॉलर, अल्फाबेट का मार्केट कैप 980 अरब डॉलर, फेसबुक का मार्केट कैप 672 अरब डॉलर, अलीबाबा 600 अरब डॉलर, टेंशेंट 565 अरब डॉलर, बर्कशायर हैथवे 441 अरब डॉलर और जॉनसन ऐंड जॉनसन 378 अरब डॉलर की कंपनी है।

तीन साल में तीन गुना बढ़ा मार्केट कैप

रिलायंस की बात करें तो महज तीन साल के भीतर इसका मार्केट कैप 4 लाख करोड़ से 11 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। फरवरी 2017 में कंपनी का मार्केट कैप 4 लाख करोड़ था। अक्टूबर 2017 में यह 6 लाख करोड़ की हो गई। अगस्त 2018 में 8 लाख करोड़, अक्टूबर 2019 में 9 लाख करोड़, नवंबर 2019 में 10 लाख करोड़ और जून 2020 में 11 लाख करोड़ की कंपनी बन गई।

शेयर के भाव में 3.75% पर्सेंट उछाल

12 लाख करोड़ की मार्केट कैप का आंकड़ा आजतक देश में कोई भी कंपनी नही छू सकी है। सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर रिलायंस के 2 करोड़ 16 लाख से अधिक शेयरों की खरीद फरोख्त हुई। शेयर कल के भाव से 3.75% ऊपर 1855 रु पर बंद हुआ।

19 जून को 11 लाख करोड़ का आंकड़ा पार

कंपनी ने 19 जून को लक्ष्य से पहले पूरी तरह कर्जमुक्त होने की घोषणा की थी। उसी दिन कंपनी का बाजार पूंजीकरण 11 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया था। उसके बाद मात्र 11 कारोबारी सत्रों में कंपनी का बाजार पूंजीकर 11 से 12 लाख करोड़ रु को पार कर गया। ब्रोकरेज हाउस भी रिलायंस के शेयर को लेकर बुलिश बने हुए हैं। एंजेल ब्रोकिंग ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को एक्युमुलेट रेटिंग दी है और इसके लिए 1937 रु का टारगेट प्राइज तय किया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जियोमीट लॉन्च किया

रिलायंस जियो ने अपना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जियोमीट गुरूवार को लॉन्च किया था। वहीं रिलायंस की फुल्ली ओनड् सब्सिडरी जियो प्लेटफॉर्म्स में शुक्रवार को 12वें विदेशी निवेश की घोषणा हुई थी। मशहूर कम्प्युटर चिप निर्माता इंटेल के जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश की घोषणा के बाद सोमवार को कंपनी के शेयर में खासी तेजी देखने को मिली।

जियो में हिस्सेदारी बेचकर 1.17 लाख करोड़ रुपय जुटाए

पिछले दो माह में जियो प्लेटफॉर्म्स में हिस्सेदारी बेच कर रिलायंस समूह ने करीब 1.17 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने राइट्स इश्यू भी ओवर सब्सक्राइब हुआ था और इसके तहत कंपनी ने 53,124.20 करोड़ रु मार्किट से इकट्ठा किए थे। कंपनी डिजिटल बिजनेस एवं जियोमार्ट के विस्तार और कर्ज में कमी लाने के लिए इस राशि का इस्तेमाल करना चाहती है।

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