RBI Monetary Policy: रेपो रेट 4% बरकरार, गवर्नर दास ने बोले- इस साल नेगेटिव ग्रोथ की संभावना

New Delhi: रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी (RBI Monetary Policy) कमेटी की बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governer Shaktikant Das) प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को तमाम जानकारी शेयर की।

रिजर्व बैंक ने रीपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया और ना ही रिवर्स रीपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव किया गया। गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governer Shaktikant Das) ने कहा कि रीपो रेट को 4 फीसदी और रिवर्स रीपो रेट को 3.3 फीसदी पर बरकरार रखा गया है।

आक्रामक रुख बनी रहेगी

शक्तिकांत दास (RBI Governer Shaktikant Das) ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी (RBI Monetary Policy) को लेकर आक्रामक रुख तब तक जारी रहेगी, जब तक इसकी जरूरत होगी। हम ग्रोथ में तेजी लाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि कोरोना के असर के असर को कम से कम किया जाए। इसके अलावा हमारी नजर महंगाई दर पर भी है। रिजर्व बैंक ने 4 फीसदी का लक्ष्य प्लस-माइनस 2 पर्सेंट का लक्ष्य रखा है। मतलब मैक्सिमम 6 पर्सेंट और मिनिमम 2 पर्सेंट।

स्पेशल क्वॉरंटीन फसिलटी में काम जारी रखा

रिजर्व बैंक के कामकाज को लेकर शक्तिकांत दास ने कहा (RBI Governer Shaktikant Das) कि हमलोग विषम परिस्थिति में लगातार काम कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया शायद दुनिया का इकलौता सेंट्रल बैंक होगा जिसने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए स्पेशल क्वॉरंटीन फसिलटी सेटअप तैयार किया है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि महत्वपूर्ण कामकाज में किसी तरह की समस्या नहीं आए।

नेगेटिव ग्रोथ की संभावना

GDP ग्रोथ को लेकर दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही (सितंबर 2020) में इसमें गिरावट रहेगी। वर्तमान हालात के हिसाब से लग रहा है कि पूरे वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट नेगेटिव रहेगा। हालांकि यह कितना तक रह सकता है इसको लेकर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया।

कोरोना के बढ़ते मामलों से दोबारा सुस्ती

मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (RBI Monetary Policy) ने महसूस किया कि नेशन वाइड लॉकडाउन के बाद जब अनलॉक सीजन की शुरुआत हुई थी तो इकनॉमिक ऐक्टिविटी में तेजी आई थी। लेकिन मामले जिस तरह बढ़ने लगे हैं उसको देखते हुए लोकल लॉकडाउन लागू किया जाने लगा है, जिससे आर्थिक गतिविधि प्रभावित हुई है। यही वजह है कि तमाम इंडिकेटर जो सकारात्मक रुख दिखा रहे थे वे अब रुक गए हैं।

गोल्ड लोन बना आकर्षक

रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन को और आकर्षक बनाया । पहले सोना के कुल मूल्य के मुकाबले 75 फीसदी राशि का लोन मिलता था। अब कोरोना से निबटने के लिए इसे 90 फीसदी तक बढ़ाया। यह सुविधा 31 मार्च 2021 तक ही है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने नैशनल हाउसिंग बैंक, नाबार्ड (NABARD) को 10 हजार करोड़ का अडिशनल फंड देने का ऐलान किया है।

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