RBI बोर्ड ने की मंजूरी- मोदी सरकार को मिलेगा 57,128 करोड़ रुपये का सरप्लस

New Delhi: Rbi Board Approves Surplus Transfer to Govt: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बोर्ड ने लेखा वर्ष 2019-20 के लिए 57,128 करोड़ रुपये का सरप्लस केंद्र सरकार (Central Govt) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। यह राशि बजट अनुमानों के मुताबिक है लेकिन इससे कोरोना और सुस्त इकॉनमी के कारण राजस्व को हुए भारी नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती है।

पिछले साल RBI ने सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन (Nirmala Sitharaman) ने 2020-21 के बजट में राजकोषीय घाटे को पाटने के लिए RBI और दूसरे बैंकों से 60,000 करोड़ रुपये लाभांश मिलने की बात कही थी। लेकिन सरकारी अधिकारी RBI से इससे ज्यादा सरप्लस मिलने की उम्मीद कर रहे थे।

इकॉनमी में 1979 के बाद पहली बार निगेटिव ग्रोथ की बात कही जा रही है जिससे सरकार के पास राजस्व की भारी कमी हो गई है। कोविड-19 महामारी के कारण कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है जिससे टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद नहीं है। साथ ही सरकार को महामारी से बेहाल इकॉनमी को सहारा देने के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है जिससे बजट घाटे पर दबाव बढ़ रहा है।

RBI की बैठक

RBI ने एक बयान में बताया कि गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। बोर्ड ने मौजूदा आर्थिक स्थिति, वैश्विक और घरेलू चुनौतियों और इकॉनमी पर कोविड-19 महामारी के असर को कम करने के लिए उठाए गए मॉनीटरी, रेग्युलेटरी तथा दूसरे उपायों की समीक्षा की।

बयान के मुताबिक आरबीआई बोर्ड ने एक इनोवेशन हब बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की। दास ने हाल में मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद इस का जिक्र किया था। बोर्ड ने पिछले एक साल के दौरान बैंक के विभिन्न कामकाज पर चर्चा की और सालाना रिपोर्ट तथा 2019-20 के अकाउंट्स को मंजूरी दी।

बोर्ड ने लेखा वर्ष 2019-20 के लिए 57,128 करोड़ रुपये का सरप्लस केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी। साथ ही 5.5 फीसदी Contingency Risk Buffer बनाए रखने का फैसला किया गया।

क्या होता है सरप्लस

रिजर्व बैंक का सरप्लस या अधिशेष राशि वह होती है जो वह सरकार को दे सकता है। रिजर्व बैंक को अपनी आय में किसी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। इसलिए अपनी जरूरतें पूरी करने, जरूरी प्रावधान और जरूरी निवेश के बाद जो राशि बचती है वह सरप्लस फंड होती है जिसे उसे सरकार को देना होता है। इसे लेकर सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच विवाद भी रहा है।

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