Wednesday , 29 January 2020
Tata-Mistry-Case

NCLAT ने टाटा-मिस्त्री मामले में ROC की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

नई दिल्ली, 03 जनवरी (वेबवार्ता)। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने शुक्रवार को टाटा-मिस्त्री मामले में कंपनी पंजीयक (ROC) की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया है। NCLAT ने अपने हालिया आदेश में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल करने का आदेश दिया था। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले कंपनी पंजीयक (ROC) ने इस आदेश में कुछ संशोधन किये जाने के लिए न्यायाधिकरण से अपील की थी।

NCLAT के चेयरमैन न्यायमूर्ति एस. जे. मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने संकेत दिया है याचिका पर आदेश अगले हफ्ते सोमवार को आ सकता है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि उसने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है और टाटा संस को पब्लिक कंपनी से प्राइवेट कंपनी में बदलने की प्रक्रिया में कुछ भी अवैध नहीं किया है।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने बृहस्पतिवार को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को कंपनी अधिनियम के नियमों के तहत निजी और सार्वजनिक कंपनियों की परिभाषा का विवरण जमा करने के लिए कहा था। पीठ ने इसके लिए चुकता पूंजी की जरूरत पर स्पष्टीकरण भी मांगा था। अपीलीय न्यायाधिकरण ने 18 दिसंबर को टाटा समूह को साइरस मिस्त्री को टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन के रूप में बहाल करने का निर्देश दिया था। टाटा संस ने NCLAT के इस निर्णय के विरुद्ध बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और इस आदेश को चुनौती दी है।

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