Airport for Lease

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट का होगा निजीकरण

New Delhi: बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने कैबिनेट द्वारा लिए गए कई अहम फैसलों के बारे में बताया। इनमें से एक फैसला एयरपोर्ट (Airport for Lease) से जुड़ा है।

जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने कहा कि सरकार ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जयपुर, गुवाहटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट्स को लीज (Airport for Lease) पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये मंजूरी सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत दी है।

यानी ये तीनों एयरपोर्ट अब निजी कंपनियों (Airport for Lease) के हाथों में चले जाएंगे। इस बात के कयास पहले से ही लगाए जा रहे थे कि मोदी सरकार (Modi Govt) कुछ एयरपोर्ट्स को निजी हाथों में दे सकती है।

मंत्रिमंडल ने इन तीनों हवाई अड्डों को 50 साल के लिए मैसर्स अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) को लीज (Airport for Lease) पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उनका ऑपरेशन, मैनेजमेंट और डेवलपमेंट अब इस कंपनी के हवाले होगा।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए वैश्विक प्रतिस्पर्द्धी निविदा आयोजित की थी जिसमें मैसर्स अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) ने सबसे अधिक बोली लगाई थी। इससे इन तीनों हवाई अड्डों के कामकाज में सुधार आने के साथ ही पब्लिक सेक्टर में जरूरी निवेश आएगा। सरकार ने एक दशक पहले दिल्ली और मुंबई को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत लीज पर दिया था।

प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने इस अहम फैसले के फायदे भी बताए। उन्होंने कहा कि इससे जो 1070 करोड़ रुपये मिलेंगे, ये एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया दूसरे छोटे शहरों में एयरपोर्ट विकसित करने में इस्तेमाल करेगी। ये पैसा काफी काम आएगा। इसका दूसरा फायदा ये होगा कि यात्रियों को अच्छी सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 50 साल के लिए निजी हाथों में दिया है, उसके बाद ये एयरपोर्ट वापस मिल जाएंगे।

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