Income Tax Return भरने में बचे हैं केवल 3 दिन, जानें किन दस्तावेजों की है जरूरत

Webvarta Desk: आयकर रिटर्न फाइल (Income Tax Return) करने की तारीख नजदीक आ रही है। कई बार बढ़ने के बाद अब टैक्स भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर (itr filing last date) है और उम्मीद है कि ये अब नहीं बढ़ेगी।

जो लोग पहले से ही आयकर रिटर्न (Income Tax Return) भरते आ रहे हैं उन्हें तो खास दिक्कत नहीं होगी, लेकिन जो पहली बार आयकर रिटर्न फाइल करने जा रहे हैं, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आखिर आयकर रिटर्न फाइल करने में किन-किन दस्तावेजों की जरूरत (documents required to file itr) होती है। तो आइए जानते हैं किन दस्तावेजों की जरूरत होती है।

फॉर्म-16

सभी नौकरीपेशा लोगों के लिए फॉर्म-16 सबसे अहम दस्तावेज होता है, जिसकी मदद से आईटीआर फाइल (Income Tax Return) किया जाता है। यह दस्तावेज किसी भी कर्मचारी को उसकी कंपनी की तरफ से दिया जाता है। इसमें कर्मचारी की सैलरी से टैक्स कटने की पूरी जानकारी होती है और साथ ही दी गई सैलरी की भी जानकारी होती है। यहां आपको बता दें कि हर नियोक्ता को अपने कर्मचारी को फॉर्म-16 देना जरूरी होता है।

फॉर्म 26एएस

ये फॉर्म आयकर विभाग की तरफ से जारी किया जाता है, जिसमें किसी भी व्यक्ति की आय पर लगे टैक्स की पूरी जानकारी होती है। इसे आयकर विभाग की वेबसाइट से अपना पैन नंबर डालकर निकाला जा सकता है। आप चाहे तो अपने फॉर्म-16 और फॉर्म 26एएस की तुलना भी कर सकते हैं कि दोनों जगह टैक्स डिडक्शन समान है या नहीं। पिछले ही महीने सरकार ने फॉर्म 26एएस में कुछ बेहतरी भी की है, जिसके तहत तमाम कैटेगरी में जानकारी दिखाई जाती है।

ब्याज से हुई आय का सर्टिफिकेट

अगर आपने किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में कोई एफडी कराई या फिर किसी और ब्याज मिलने वाली स्कीम में पैसे जमा किए हैं तो ब्याज से हुई आय का सर्टिफिकेट या फिर बैंक स्टेटमेंट भी रखना जरूरी है, ताकि आप उसकी सही जानकारी आयकर रिटर्न फाइल करते वक्त भर सकें। बता दें कि आप आयकर कानून की धारा 80 टीटीए के तहत 10 हजार रुपये तक की ब्याज से हुई कमाई पर टैक्स छूट पा सकते हैं।

टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट

बहुत से लोग टैक्स बचाने के लिए कुछ टैक्स सेविंग निवेश करते हैं। जो लोग ये दस्तावेज अपने नियोक्ता को तय समय में नहीं दे पाते हैं, उन्हें आयकर रिटर्न फाइल करते समय इसका प्रूफ देने की जरूरत होती है। ये टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट प्रूफ एलआईसी प्रीमियम की रसीद, पीपीएफ में निवेश की पासबुक, ईएलएसएस का सबूत, दान की रसीद, ट्यूशन फीस की रसीद आदि हो सकती है।

मेडिकल इंश्योरेंस के दस्तावेज

सेक्शन 80डी के तहत आप 25 हजार रुपये तक हेल्थ इंश्योंरेस प्रीमियम पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। ये इंश्योरेंस पॉलिसी आपके लिए, आपके जीवनसाथी के लिए, बच्चों के लिए हो सकती हैं। अगर आप सीनियर सिटिजन हैं तो आप 50 हजार रुपये तक हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट पा सकते हैं। तो इन सबकी रसीद भी आयकर रिटर्न फाइल करते वक्त अपने साथ रखें।