फर्जी कंपनियां बनाकर भारत में हवाला कारोबार चला रहा चीन, एक्शन में सरकार.. 21 ठिकानों पर छापे

नई दिल्ली। गलवान घाटी गतिरोध के बीच आयकर विभाग ने भारत में बड़े पैमाने पर फर्जी चीनी कंपनियों का भंडाफोड़ किया है। यह शेल कंपनियां हवाला रैकेट चला रही थीं। आयकर विभाग सूत्रों के मुताबिक, अब तक 1000 करोड़ रुपए के हवाला कारोबार की जानकारी मिली है। इसकी जांच की जा रही है।

इस सिलसिले में बुधवार को इनकम टैक्स विभाग ने दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम में करीब 21 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस काम में बैंक के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं।

अभी और कितनी कंपनियां चल रही जांच

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग इस तरह की फर्जी कंपनियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। अभी जिन कंपनियों के बारे में जानकारी मिली थी वह दिल्ली और एनसीआर से जुड़ी हुई हैं।

आयकर विभाग ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देने के लिए फर्जी चीनी कंपनियों के नाम पर करीब 40 अकाउंट बनाए गए और उनसे हजारों करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया।

मिले गई अहम दस्तावेज

टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि एक चीनी कंपनी की सहायक फर्म ने फर्जी कंपनियों से 100 करोड़ रुपये का फर्जी एडवांस लिया था। यह रकम भारत में रिटेल शोरूम खोलने के लिए एडवांस के तौर पर दी गई थी।

छापेमारी के दौरान आईटी डिपार्टमेंट के अफसरों को हवाला से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भी मिलीभगत का पता चला है। यही नहीं छामेपारी के दौरान ठिकानों से हॉन्ग कॉन्ग की करेंसी और अमेरिकी डॉलर भी मिले हैं।

चीनी नागरिक के पास मिला अवैध भारतीय पासपोर्ट

आयकर विभाग के एक अधिकारी ने अखबार से बातचीत में कहा कि इनमें से एक चीनी शख्स के पास अवैध भारतीय पासपोर्ट पाया गया है, जो उसे मणिपुर से जारी किया गया था। अलग-अलग और संदिग्ध नामों से देश भर में वह करीब 10 बैंक खाते चला रहा था।

पकड़े गए चीनी शख्स की पहचान चार्ली पेंग के तौर पर हुई है, इसे हिरासत में लिया गया है। पेंग का चीनी नाम लुओ सांग है, लेकिन वह यहां नाम बदलकर रह रहा था। वह बीते करीब 6 सालों से भारत में रह रहा था। इसके अलावा उसके करीब 6 अन्य सहयोगियों की भी पहचान कर ली गई है, जो उसे हवाला कारोबार में मदद कर रहे थे।

ईडी को किया जा सकता है जांच में शामिल

जानकारों के मुताबिक इस जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय को भी शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा यदि यह नेक्सस बड़ा पाया जाता है तो फिर सीबीआई को भी इस मसले की जांच सौंपी जा सकती है।

आयकर विभाग ने बयान जारी कर कहा कि कई विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह खबर मिली थी कि कुछ चीनी नागरिक और उनके भारतीय सहयोगी मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला कारोबार में शामिल हैं। ये लोग फर्जी कंपनियों के नाम पर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। सूत्रों से मिले इनपुट के बाद ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसमें यह खुलासा हुआ है।

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