Wednesday , 29 January 2020
Air India
Air India Boeing 787

एअर इंडिया का विनिवेश रोके सरकार, कई यूनियनों की पीएम मोदी से अपील

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (वेबवार्ता)। सरकारी क्षेत्र की विमानन कंपनी एअर इंडिया के बेचने के सरकारी फैसले को लेकर कई यूनियनों अनुचित बताया है। करीब आधे दर्ज यूनियन ने कहा है कि केंद्र सरकार इस विमान कंपनी का विनिवेश रोक दे। पीएम मोदी से अपील करने वाले लोगों में एअर इंडिया के पायलट भी शामिल है।

यूनियन ने अपने अपील में सरकार को सुझाव दिया है कि एलएंडटी और आईटीसी की तरह ही एअर इंडिया को एक बोर्ड मैनेज्ड कंपनी बना दे। इन यूनियन की तरफ से एक ज्वाइंट लेटर में कहा गया है, ‘एअर इंडिया बीते तीन से ऑपरेशनल प्रॉफिट रिपोर्ट कर रही है। सालाना आउटगो 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने की वजह से लोन सर्विस करना बड़ी चुनौती है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वो क्रेडिट्स की छूट दे और एयरलाइन को प्रोफेशनल मैनेजमेंट द्वारा चलाया जाए।’ इस ज्वाइंट लेटर को गृह मंत्री अमित शाह, एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिहं पूरी, सीविल एविएशन सेक्रेटरी पीएस खरोला और एअर इंडिया सीएमडी अश्विन लोहानी को भेजा गया है।

यूनियन की तरफ से कहा गया है कि कभी ‘जेवेल’ यानी गहना कही जाने वाले ये इस कंपनी को बेचने कर्मचारियों से लेकर आम लोगों के दुख की खबर होगी। साथ ही देश गौरव को भी इससे झटका लगेगा। इंडियन कॉमर्शियल पायलट एसोसिएशन, ऑल इंडिया केबिन क्रू एसोसिएशन एंड पायलट गिल्ड इन शामिल यूनियन में से एक हैं। इन सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री से एअर इंडिया को प्राइवेट हाथों में नहीं बेचने की अपील की है।

गौरतलब है​ कि भारी घाटे के बोझ से जूझ रही एअर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 31 मार्च 2020 तक एअर इंडिया के विनिवेश की बात कही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइन के​ विनिवेश के लिए बिडिंग प्रक्रिया से पहले एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट स्वीकार करना शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि एअर इंडिया पर यूपीए 2 सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया है। कंपनी इसी के आधार पर मौजूदा परिचालन कर रही है।

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