Gandhi Jayanti: दिलों पर राज करने वाले गांधीजी ऐसे बने RBI के नोटों की पहचान

New Delhi: बुधवार 2 अक्‍टूबर 2020 को पूरा देश राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती (Gandhi Jayanti) मना रहा है। इस मौके पर देशभर में कई तरह के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह-सेवेर ट्विटर पर बापू को याद किया।

गांधीजी (Mahatma Gandhi) के विचारों, उनके मानवीय मूल्‍यों और सद्भाव के साथ अहिंसा के संदेश को हमने खूब पढ़ा, समझा और जीवन में उतारा है। आज इस मौके (Gandhi Jayanti) पर इतिहास के पन्‍नों को पलटते हैं और आइए जानते हैं कि दिलों में बसने वाले महात्‍मा गांधी, कैसे भारतीय करंसी यानी रुपये का अभ‍िन्‍न अंग बन गए।

कहां से आई नोट पर छपने वाली गांधीजी की फोटो

भारतीय रुपये के नोटों में बीते कुछ साल में कई बड़े बदलाव हुए। पूर्व के वर्षों में भी इसमें कई परिवर्तन किए गए। लेकिन तमाम बदलाव के बीच एक चीज नोटों पर कभी नहीं बदली और वो है महात्‍मा गांधी (Mahatma Gandhi) की तस्‍वीर। ऐसे में यह जिज्ञासा सामान्‍य है कि नोट पर छपने वाली गांधीजी की तस्‍वीर कहां से आई। यह फोटो किसने खींची थी और पहली बार भारतीय रुपये के नोट पर इसका प्रयोग कब किया गया।

सबसे पहले 1969 में नोट पर आए थे बापू

सबसे पहली जानकारी तो यह है कि सबसे पहले नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर 1969 में छपी थी। यह उनका जन्म शताब्दी वर्ष था। तब 5 और 10 रुपये के नोट पर गांधीजी की तस्‍वीर छपी थी। महात्‍मा गांधी का जन्‍म गुजरात के पोरबंदर में 2 अक्‍टूबर 1869 को हुआ था। पहली बार 1969 में जब नोट पर गांधी जी तस्‍वीर छपी थी, उसमें गांधीजी के पीछे सेवाग्राम आश्रम भी था।

वायसराय हाउस में खींची गई थी तस्‍वीर

साल 1996 में पहली बार महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर वाले नोटों की सीरीज जारी की गई। बापू की जो तस्‍वीर आज हम नोट पर देखते हैं, वह वायसराय हाउस (अब राष्‍ट्रपति भवन) में 1946 में खींची गई थी। राष्‍ट्रपिता म्यांमार (तब बर्मा) और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस से मुलाकात के लिए पहुंचे थे। वहीं ली गई गांधीजी की तस्वीर को पोट्रेट के रूप में भारतीय नोटों पर अंकित किया गया। हालांकि, यह तस्‍वीर किस फोटोग्राफर ने खींची इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्‍ध नहीं है।

गांधीजी से पहले अशोक स्‍तंभ

महात्‍मा गांधी से पहले भारतीय नोट पर अशोक स्‍तंभ की तस्‍वीर छपती थी। आरबीआई ने 1996 में नोटों के डिजाइन में बदलाव का फैसला किया। तब अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो स्‍थान दिया गया और अशोक स्तंभ को नोट के निचले हिस्‍से में बाईं तरफ रखा गया। यह अशोक स्‍तंभ अब निचले हिस्से में दाईं ओर नजर आता है।

अशोक स्‍तंभ से पहले छपते थे किंग जॉर्ज

अशोक स्‍तंभ और महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर से पहले भारतीय रुपये पर किंग जॉर्ज की तस्वीर भी छपा करती थी। किंग जॉर्ज की तस्‍वीर वाला नोट 1949 तक चलन में था। इसके बाद अशोक स्तंभ वाला नोट आया था।

1993 में केंद्र ने की थी सिफारिश

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक, सभी नोटों पर वाटर मार्क एरिया में महात्मा गांधी की फोटो मुद्रित करने की सिफारिश 15 जुलाई 1993 को की गई थी। जबकि नोट में दाहिनी ओर गांधीजी की तस्‍वीर मुद्रित करने की सिफारिश 13 जुलाई 1995 को तत्‍कालीन केंद्र सरकार ने की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *