FDI पर भारत ने चीन को अबतक कौन-कौन से बड़े झटके दिए… यहां देखें पूरी लिस्ट

New Delhi: चीन से आने वाले निवेश (Chinese investments), चाइनीज कंपनी, चाइनीज ऐप्स (Banned 59 chinese apps), चीन से आने वाले एफडीआई (FDI from china) और किसी तरह के प्रॉजेक्ट में परोक्ष रूप से चाइनीज एंट्री पर सरकार की पैनी नजर है।

भारत की इस कार्रवाई से चीन (FDI from china) तिलमिला गया है और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन और फ्री ट्रेड के नियम कानून की बात करने लगा है।

जोमैटो में निवेश रोका

पिछले दिनों मोदी सरकार ने चीने से आने वाले FDI के नियम में बदलाव किया था। चीन से आने वाले निवेश को सरकार की मंजूरी की जरूरत है।

चाइनीज मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि भारत सरकार ने फूड डिलिवरी स्टार्टअप Zomato में चीन के निवेशक ऐंट फाइनैंशल (Ant Financial अलीबाबा ग्रुप की सहयोगी कंपनी है) द्वारा 150 मिलियन डॉलर में से आखिरी 100 मिलियन डॉलर (750 करोड़ के करीब) के निवेश को रोक दिया है। इस ट्वीट के जरिए ग्लोबल टाइम्स कहना चाहता है कि किस तरह नई FDI पॉलिसी अपने ही कंपनियों को नुकसान पहुंचा रही है।

59 चाइनीज ऐप्स बैन

इकनॉमिक सर्जिकल स्ट्राइक के तहत चीन को कई और बड़े झटके लगे हैं। इस सप्ताह सरकार ने 59 चाइनीज ऐप्स बैन कर दिए। इसमें बाइटडांस का टिकटॉक, अलीबाबा का यूसी न्यूज, शेयर इट जैसे ऐप्स शामिल हैं। सरकार के फैसले के बाद वहां की कंपनी को काफी नुकसान की संभावना है।

चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने ल‍िखा है क‍ि बाइटडांस जो क‍ि ट‍िकटॉक की मदर कंपनी है उसे बैन की घटना से 6 ब‍िल‍ियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। कंपनी लगातार सफाई दे रही है कि उसका डेटा सेंटर सिंगापुर में है और वह चाइनीज सरकार के साथ डेटा साझा नहीं की है।

हाइवे प्रॉजेक्ट्स में चाइनीज कंपनी की एंट्री बैन

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हाइवे प्रॉजेक्ट में चाइनीज एंट्री बंद की जाएगी। इसके अलावा MSME सेक्टर में भी आने वाले निवेश पर रखी जाएगी कि कहीं वह चीन से तो नहीं आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वर्तमान में कोई चाइनीज कंपनी जॉइंट वेचर में भारती हाइवे प्रॉजेक्ट में घुसी होगी तो टेंडर कैंसल कर नया टेंडर जारी किया जाएगा।

हीरो साइकिल ने 900 करोड़ का झटका दिया

हीरो साइकिल ने भी एक बड़ा फैसला लेते हुए 900 करोड़ रुपये का चीन से व्यापार रद्द कर दिया है। यह व्यापार अगले तीन महीनों में किया जाना था। आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाते हुए कंपनी लुधियाना में साइकिल के पुर्जे बनाने वाली छोटी कंपनियों की मदद के लिए आगे बढ़ी है और उन्हें खुद में मर्ज करने का ऑफर दे रही है।

JSW ग्रुप ने 3000 करोड़ का झटका दिया

JSW ग्रुप की सहयोगी कंपनी जेएसडब्ल्यू सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ जिंदल ने कहा कि उनकी कंपनी हर साल चीन से 3000 करोड़ का आयात करती है। वह अगले दो सालों में इसे घटाकर शून्य पर ले आएंगे।

उन्होंने #BoycottChina के साथ ट्वीट किया और कहा, ‘चीन के सौनिकों द्वारा हमारे जवानों पर अकारण किया गया हमला आंखें खोलने वाला है और स्पष्ट कार्रवाई की जरूरत बताता है। हम (जेएसडब्ल्यू समूह) चीन से सालाना 40 करोड़ डॉलर का शुद्ध आयात करते हैं। हम इसे अगले 24 महीने में शून्य पर लाने का संकल्प लेते हैं।’

कानपुर-आगरा मेट्रो के लिए चाइनीज कंपनी रिजेक्ट

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने तकनीकी खामियों के चलते कानपुर, आगरा मेट्रो के लिये चीनी कंपनी के टेंडर को रिजेक्ट कर दिया। मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं हेतु मेट्रो ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक्स) की आपूर्ति, परीक्षण और चालू करने के साथ-साथ ट्रेन कंट्रोल और सिग्नलिंग सिस्टम का ठेका बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया है।

BSNL ने टेंडर कैंसल किया

BSNL और MTNL से कुछ दिन पहले सरकार ने कहा था कि वह 4G अपग्रेड में चीनी इक्विपमेंट्स का इस्‍तेमाल न करे। बीएसएनएल की तरफ से इसकी घोषणा कर दी गई है। BSNL ने 23 मार्च 2020 को जारी टेंडर वापस ले लिया। एक नया टेंडर फ्लोट किया जाएगा जिसमें ‘मेक इन इंडिया’ को प्रिफरेंस दी जाएगी।

रेलवे ने थर्मल कैमरा का टेंडर कैंसल किया

इसके अलावा रेलवे ने भी थर्मल कैमरा खरीदने के लिये टेंडर को रद्द कर दिया है। विभिन्न विक्रेताओं से मिली प्रतिक्रिया के बाद यह कदम उठाया गया है। उनका कहना था कि उपकरण की खरीद को लेकर जो चीजें मांगी गई हैं, उससे चीनी कंपनियों को लाभ होगा।

रेलवे का उपक्रम रेल टेल ने पिछले महीने 800 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी कैमरे के लिये टेंडर जारी किया था। माना जा रहा है कि उससे चीन की कंपनी हिकविजन को लाभ मिल सकता है। हिकविजन दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो निगरानी कंपनी है। कंपनी का फिलहाल भारत के CCTV बाजार पर दबदबा है।

महाराष्ट्र सरकार ने 5 हजार करोड़ के प्रॉजेक्ट्स ठंडे बस्ते में डाला

चीन को महाराष्ट्र सरकार से बड़ा झटका लगा। वहां उद्धव सरकार ने चीनी कंपनियों के साथ साइन तीन अग्रीमेंट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ये तीन प्रॉजेक्ट करीब 5 हजार करोड़ के थे। इन्हें हाल ही में मैग्नेटिक महाराष्ट्र 2.0 इंवेस्टर समिट में साइन किया गया था।

इस बारे में इंडस्ट्री मिनिस्टर सुभाष देसाई ने बताया कि ये अग्रीमेंट गलवान हिंसा से पहले साइन हुए थे। केंद्र सरकार को इसकी जानकारी दे दी गई है। विदेश मंत्रालय ने फिलहाल चीन के साथ कोई और अग्रीमेंट साइन नहीं करने की सलाह दी है।

471 करोड़ का रेलवे का कॉन्ट्रैक्ट कैंसल

गलवान में झड़प के तुरंत बाद रेलवे ने भी चीनी कंपनी का ठेका रद्द किया था। यह प्रॉजेक्ट करीब 471 करोड़ का था। यह चीनी कंपनी बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजायन इंस्टीट्यूट के पास था। इसमें कानपुर और मुगलसराय के बीच 417 किलोमीटर लंबे खंड पर सिग्नल और दूरसंचार का काम होना था। रेलवे ने कहा कि ठेका काम की स्लो स्पीड की वजह से रद्द किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *