नए बैंकों के लाइसेंस के लिए आरबीआई के पास आए 8 आवेदन

RBI New Bank Policy

Webvarta Desk: भारत में जल्द ही कुछ और नए बैंकों के अस्तित्व में आने की उम्मीद है। यह जानकारी खुद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दी है। आरबीआई (RBI) ने बताया कि यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए चार आवेदक हैं, यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, रिपाट्रिएट कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड (आरईपीसीओ बैंक), चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड और पंकज वैश्य हैं।

वहीं छोटे वित्त बैंकों में वीएसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड, कालीकट सिटी सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अखिल कुमार गुप्ता और दवारा क्षत्रिय ग्रामीण वित्तीय सेवा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बैंकिंग सेवा शुरू करने के लिए आवेदन किया है।

पूर्व डिप्टी गवर्नर की अध्यक्षता में कमेटी

आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो बड़े और छोटे बैंकों के लिए आए आवेदन की समीक्षा करेगी। पैनल के अन्य सदस्यों में आरबीआई सेंट्रल बोर्ड के निदेशक रेवती अय्यर, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बी महापात्रा, केनरा बैंक के पूर्व अध्यक्ष टीएन मनोहरन और पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष हेमंत शामिल हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 2015 में दो बैंकों को मंजूरी दी थी। जिसमें IDFC Ltd और बंधन फाइनेंशियल बैंक शामिल हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का दिशानिर्देश

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की 2016 गाइडलाइन के मुताबिक बड़े बैंक खोलने के लिए बैंकिंग और वित्त में 10 साल का अनुभव होना जरूरी है। हालांकि बड़े औद्योगिक घरानों को इससे बाहर रखा गया है। लेकिन उन्हें निवेश करने की मंजूरी दी गई है। बड़े और लघु वित्त बैंकों के लिए आवेदन शुरू में आवेदकों की प्राइमा फैसिलिटी सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया जाएगा। जो स्थायी बाहरी सलाहकार समिति (एसईएसी) आवेदनों का मूल्यांकन करेंगी। इस एसईएसी का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए होगा। बता दें कि रिजर्व बैंक पुराने रिकॉर्ड साफ होने पर ही बैंकिंग कारोबार में उतरने की अनुमति देगा।