कांग्रेस का आरोप- 5 साल में ‘चीनी निवेश का केंद्र’ बन गया गुजरात, 43 हजार करोड़ का आया निवेश

New Delhi: Chinese Investment in India: कांग्रेस ने चीनी निवेश को ले गुजरात की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, एक तरफ हमारे सैनिक जान की बाजी लगाते हुए चीन का मुकाबला कर रहे हैं, वहीं चीन की कंपनियों को भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण स्थान मिल रहा है। एप पर पाबंदी से कुछ खास नहीं होगा हमें चीन की अलीबाबा-पेटीएम पर रोक लगानी चाहिए।

खेड़ा ने कहा, सरकारी कंपनियां अपने ठेके और सरकार की तरफ से भी चीन को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने दो दशक से चीन से अच्छे संबंध बनाए। बीते पांच साल में केवल गुजरात में 43 हजार करोड़ का चीनी निवेश (Chinese Investment in India) और एमओयू हुआ।

खेड़ा ने कहा, गुजरात सरकार के आंकड़े स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 19 हजार करोड़, टेक्सटाइल पार्क में 12 हजार करोड़ और इंडस्ट्रियल पार्क में 10 हजार करोड़ के निवेश (Chinese Investment in India) दिखते हैं।

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की सरकार ने चाइना एसोसिएशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज के साथ चाइनीज इंडस्ट्रियल पार्क के लिए करार नामा धोलेरा के लिए किया। चीन की कंपनियां पिछले 20 दिनों में निवेश (Chinese Investment in India) कर रही हैं।

पीछे हट रहे हैं इसका मतलब आए थे

एलएसी से चीनी सैनिकों की वापसी पर कांग्रेस ने फिर से प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है। खेड़ा ने कहा, हमारी सेना के सामने चीनी सैनिक टिक नहीं पाएंगे, जिसका शौर्य देखकर चीनी सैनिक पीछे हट गए। हम प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि उन्होंने सर्वदलीय बैठक में जो बयान दिया था क्या वह वापस लेंगे। अब अगर पीछे हट रहे हैं तो ये तो साबित हुआ न कि आए थे।