चीन के खिलाफ विरोध तेज, 20,000 कंपनियों का फैसला- नहीं करेंगे चीनी उत्पादों का इस्तेमाल

New Delhi: नोएडा में करीब 20 हजार MSME क्षेत्र की कंपनियाँ मौजूद हैं, जिन्होंने निर्माण प्रक्रिया में चीनी उत्पादों और उपकरणों का बहिष्कार (Protest Against China) करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सामूहिक रूप से गौतम बुद्ध नगर में MSME क्षेत्र के संघ द्वारा लिया गया है। गौतम बौद्ध नगर में MSME एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सभी कारखानों को पत्र लिखकर चीनी उत्पादों के बहिष्कार का अनुरोध किया है।

चीन के साथ हुई भारतीय सैनिकों की झड़प के बाद, नोएडा में MSME क्षेत्र द्वारा एक सूची तैयार की गई है, जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में अकेले MSME क्षेत्र ही नोएडा में विनिर्माण क्षेत्र (मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर) के लिए कुल मिलकर 500 से अधिक उत्पादों का उपभोग कर रहा है, जिसमें एलईडी लाइट्स, बोल्ट, पीपीई किट, मास्क और कई अन्य निर्माण सामग्री शामिल हैं।

गौतम बौद्ध नगर में एमएसएमई एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने सभी कारखानों को पत्र लिखकर चीनी उत्पादों के बहिष्कार का अनुरोध किया है, साथ ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी एक पत्र लिखकर चीनी उपकरणों के बहिष्कार के निर्णय के बारे में जानकारी दी है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के बीच सरकार द्वारा MSME क्षेत्र और निर्माण के लिए बहुत सी राहत और उपाय किए गए हैं, क्योंकि इस दौरान MSME सेक्टर सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ और आखिरकार अब यह सेक्टर सामान्य स्थिति में लौट रहा है। लेकिन इसके बावजूद भी यह सेक्टर देश के हित में खड़े रहकर कठोर फैसला लेते हुए सस्ते चीनी उपकरणों और विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का त्याग करने के लिए तैयार है।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी बृहस्पतिवार (जून 18, 2020) को लोगों से चीन के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की और अपने मंत्रालय के अधिकारियों को दिन के कार्यालय उपयोग के लिए किसी भी चीनी उत्पाद की खरीद नहीं करने का निर्देश दिया है।

वहीं, पूरे देशभर में देखे जा रहे चीनी सामान के विरोध के बीच व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक खुले पत्र में सिनेमा और खेल की बड़ी हस्तियों, विशेष रूप से आमिर खान, दीपिका पादुकोण, कैटरीना कैफ, विराट कोहली और अन्य लोगों से अपील की है कि वे चीनी उत्पादों के विज्ञापन को करना बंद करें।

ज्ञात हो कि इनमें से कई हास्तियाँ चाइनीज मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के विज्ञापन करते आए हैं। कैट ने इन सभी से और अन्य सभी प्रसिद्द व्यक्ति, जो किसी भी प्रकार के चीनी उत्पाद का विज्ञापन कर रहे हैं, से अपील की है की उनके द्वारा चीनी ब्रांडों का विज्ञापन करना तुरंत बंद किया जाए।

चीनी सामान के बहिष्कार का मामला ऐसे समय में सामने आया है जब लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक संघर्ष के बाद देश में चीनी उत्‍पादों के बहिष्‍कार की माँग जोर पकड़ती जा रही है।

गौरतलब है कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच लद्दाख क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों को जान गँवानी पड़ी है, जबकि चीन के भी करीब 43 सैनिकों की इस संघर्ष में मौत हुई है।

कल ही सरकार ने सरकारी टेलिकॉम कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल के अलावा निजी कंपनियों को भी आदेश दिया है कि वे चीनी उपकरणों का इस्तेमाल करना बंद कर दें। सरकार ने सिक्योरिटी के खतरे का हवाला देते हुए कहा कि 4G के अपग्रेडेशन में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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