Wednesday , 29 January 2020
hemant soren

जल्द दिखेगी झारखंड की नई तस्वीर : हेमंत सोरेन

बनते-बिगड़ते समीकरणों में राजनीति में हर रोज नई गाथा लिखी जा रही है। सभी दलों का भाजपा के किले का भेदना लगातार जारी है। पिछले कुछ समय में ही कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी का विकेट लगातार गिर रहा हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी नेशनल मुद्दों को राज्यों में भुनाने में विफल हो रही है। हाल ही में झारखंड में भी ऐसा ही परिदृश्य देखने का मिला। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सबसे ज्यादा सीट जीतकर गठबंधन की सरकार बना ली। राज्य के नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से योगेश कुमार सोनी की एक्सक्लूसिव बातचीत के मुख्य अंश…

सवाल झारखंड जैसे राज्य में व्यापार स्थापित करना और सुरक्षा दोनों ही अपने आप में चुनौतियां हैं। कैसे स्थापित होगा।

किसी भी राज्य को संचालित करना किसी भी सरकार के लिए चुनौती होती है। लेकिन सवाल यह है कि जनता भरोसा किस पर करती है? सरकार ने हमें चुना है और हम कसौटी पर खरा उतकर जनता के लिए रोजगार और सुरक्षा पर काम करेंगे। एक बार फिर राज्य की जनता को अपनी सरकार मिली है।

पिछली सरकार में मर्जर के नाम पर तमाम विधालयों को अवैध ठहराकर बंद कर दिया गया था। आप इसके विरोध में खडे थे। अब उन विधालयों का क्या होगा।

इस बात में कोई भी संदेह नही हैं कि वो सभी विधालय खोले जाएगें जो मर्जर की चपेट में आ गए थे। सभी विधालयों को अधिक हाईटैक करके चलाया जाएगा। मेरा मानना है कि किसी भी मुद्दे पर राजनीति करो लेकिन शिक्षा के क्षेत्र को छोड दो। हमारा देश युवाओं का देश और इस बात को और तरीके से पेश की जाए तो हमें यह कहते हुए गर्व होगा कि हमारे देश सबसे शिक्षित युवाओं का देश है। इसके लिए हम काम करेगें।

आपने “बदलो सरकार-पाओ अधिकार’ का नारा दिया था। अब नया या बड़ा क्या होने वाला है।

अधिकार का अर्थ बहुत सारी बातों के लिए होता है। गरीब को रोटी, बच्चों को शिक्षा, महिलाओं को सुरक्षा व रक्षा,अस्पतालों की हालात सही करना आदि। हमारे पास सरकार चलाने का अनुभव है, हम बेहतर करेगें।

आपकी पार्टी पर गुंडागर्दी व वसूली का आरोप लगता रहा है। हकीकत क्या है?

जब लोगों के पास मुद्दे नही होते तो इसी तरह की बातें होती है। यदि कोई ऐसा कहता है तो इस बात की प्रमाणिकता दे। न हमनें कभी दादागीरी और न ही सत्ता का दुरुपयोग किया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के गढ़ में क्या होता रहा है,सब जग-जाहिर है। उनके विधायक ढुल्लो महतो हों या अन्य, इनकी हरकतों से हर कोई वाकिफ हैं।

झारखंड में नक्सलवाद सबसे बड़ी चुनौती है। हर सरकार इस पर काबू पाने का दावा करती रही। आपके पास कोई प्लान है या यह समस्या वैसी ही रहेगी?

इस बात में कोई दोराय नही है कि यहां की संचालन प्रक्रिया को नक्सलवाद हमेशा प्रभावित करता है लेकिन हम इस बार पूरे एक्शन में है। हम इस पर वो काम करेंगे कि जो अब तक नही हुआ।हम ऐसी रणनीति बनाएगें कि यदि किसी को कोई भी समस्या हो तो हमसे सीधे संपर्क कर सकता है। बदलाव आपके सामने होगा। नक्सलवाद खत्म करना हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य है। हम पिछडों को भी आरक्षण देगें। बहुत जल्द ही केंद्र का प्रस्ताव बनाकर भेज देंगे।

झारखंड का रिमोर्ट कंट्रोल दिल्ली के पास बताया जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि सब कांग्रेस के कहने से ही होगा।

कहने वाले तो कुछ भी कह सकते हैं। बीजेपी गठबंधन की सरकार चलाए तो कुछ नही लेकिन यदि बाकी दल मिलकर चलाए तो बेतुकी बातें फैलाकर अपनी कुंठा निकाली जाती है। क्या पूर्व में गठबंधन की सरकारों नें अपने कार्यकाल पूरे नही किए। गठबंधन मिलकर अच्छे से काम कर सकता है बस विधायकों की खरीद-फिरोख्त न हो तो।

देश की आर्थिक स्थिति खराब है। कैसे किसानों की कर्जमाफी व अन्य कई अन्य मुद्दों पर काम किया जाएगा?

मललब आप यह मान रहे हैं कि देश की आर्थिक स्थिति खराब है वरना देश की आधे से ज्यादा मीडिया यह मान ही नही रही है। हम हर संभव प्रयास करके राज्य में समानता बनाएगें। जो काम पहले जरुरी है उस पर काम करेगें। बजट का वर्गीकरण अच्छे से हो तो संचालन प्रक्रिया आसान हो जाती है।

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