लखनऊ, वेब डेस्क | वेब वार्ता
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत ‘फॉर्म-7’ के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में पीडीए वर्ग और विशेषकर अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने की साजिश की जा रही है, जिसका चुनाव आयोग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
पीडीए और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा बेईमानी और घपले पर उतर आई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी अपने विमुख हो चुके पन्ना प्रमुखों को तक नहीं ढूंढ पा रही है, वह नए वोटर कहां से लाएगी। उनके अनुसार, भाजपा की यह रणनीति उसकी आगामी हार की हताशा को दर्शाती है।
चुनाव से पहले भाजपा में अंदरूनी कलह का दावा
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा में चुनाव से पहले ही कमीशन के बंटवारे, आपसी सर-फुटव्वल और बंधकबाजी जैसी स्थितियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सब संकेत है कि पार्टी अंदर से कमजोर हो चुकी है और जनता का भरोसा खो चुकी है।
भाजपा की हार के ‘मूल कारण’ गिनाए
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा की होने वाली सौ-प्रतिशत हार के पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारण हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा की नीतियों और कार्यशैली से पूरी तरह नाराज़ है।
- पीडीए समाज की एकता और पीडीए प्रहरियों की सजगता
- अल्पसंख्यकों पर झूठे मुकदमों से उपजा आक्रोश
- बेरोजगार युवाओं और छात्रों में गुस्सा
- काशी में धर्म-संस्कृति के ध्वस्तीकरण और प्रयागराज में साधु-संतों के अपमान के आरोप
- मथुरा में समाज विशेष से कथित बदसलूकी
- किसानों की खेती खत्म करने का षड्यंत्र और मजदूरों को उचित मजदूरी न मिलना
- महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त गरीब व मध्यम वर्ग
- जीएसटी और टैक्स व्यवस्था से नाराज़ व्यापारी व छोटे कारोबारी
- दूसरे राज्यों के ठेकेदारों के कारण यूपी के स्थानीय ठेकेदारों का नुकसान
भाजपा के भीतर फूट और भ्रष्टाचार का आरोप
अखिलेश यादव ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा में आंतरिक फूट, मंत्री-विधायकों की आपसी लड़ाई, महाभ्रष्टाचार और वर्चस्व की राजनीति चरम पर है। उन्होंने कहा कि पार्टी के परंपरागत वोटर भी उससे दूर हो रहे हैं।
- भाजपा की महिलाओं के प्रति सामंती सोच
- शिक्षा के एकरंगीकरण की नीति
- रोजगार और नौकरियों का अभाव
- पीडीए वर्ग के खिलाफ दुर्भावना
- जमीन कब्जाने, अवैध खनन और कमीशनखोरी के आरोप
- कला, खेल और स्वतंत्र पत्रकारिता का हनन
- शिक्षकों, आशा वर्करों, संविदाकर्मियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में नाराजगी
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा अब इन सभी वर्गों के वोट भी कटवाने की कोशिश करेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की हार तय है और उसकी राजनीतिक विदाई भी। उनके अनुसार, पार्टी के समर्थक और सहयोगी भी अब नए ठिकाने तलाशने लगे हैं।
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