नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क | वेब वार्ता
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट क्रिकेट फैंस के लिए खास होने वाला है। लेकिन इस बार सुर्खियों में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने करियर में दो अलग-अलग देशों के लिए टी20 विश्व कप खेला है। यह बहुत दुर्लभ होता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक देश से दूसरे देश के लिए खेलना कड़े पात्रता नियमों के तहत ही संभव है। आइए जानते हैं ऐसे 5 क्रिकेटरों के बारे में, जिन्होंने दो टीमों की जर्सी पहनकर टी20 वर्ल्ड कप में धमाल मचाया।
1️⃣ वेन डर मिर्वे (South Africa & Netherlands)
वेन डर मिर्वे इस लिस्ट में सबसे अनुभवी और चर्चित नाम हैं। उन्होंने 2009 में साउथ अफ्रीका की ओर से टी20 वर्ल्ड कप खेला था। बाद में वे नीदरलैंड्स की टीम से जुड़े और 2022 व 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में डच टीम का प्रतिनिधित्व किया। 41 वर्षीय इस ऑलराउंडर ने साबित किया कि उम्र क्रिकेट में बाधा नहीं, बल्कि अनुभव की पूंजी होती है। उनके स्पिन और आक्रामक बल्लेबाजी ने नीदरलैंड्स को कई बड़े मैच जिताए।
2️⃣ कोरी एंडरसन (New Zealand & USA)
न्यूजीलैंड के पूर्व स्टार ऑलराउंडर कोरी एंडरसन ने 2016 में कीवी टीम की ओर से टी20 वर्ल्ड कप खेला था। उन्होंने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी से कई बार मैच पलटे। लेकिन बाद में उन्होंने अमेरिका में बसने का फैसला किया और वहां की नेशनल टीम से जुड़ गए। 2024 टी20 वर्ल्ड कप में वे USA की ओर से खेले, जो उनके करियर का नया अध्याय था। उनका अनुभव अमेरिकी क्रिकेट के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है।
3️⃣ डेविड वीजे (South Africa & Namibia)
नामीबिया क्रिकेट का सबसे बड़ा नाम – डेविड वीजे। उन्होंने 2016 में साउथ अफ्रीका के लिए टी20 वर्ल्ड कप खेला था। लेकिन उसके बाद उन्होंने अपने पूर्वजों के देश नामीबिया का प्रतिनिधित्व करने का निर्णय लिया। 2021 और 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने नामीबिया की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी ने नामीबिया को एसोसिएट क्रिकेट में नई पहचान दी।
4️⃣ डर्क नैनेस (Australia & Netherlands)
पूर्व तेज गेंदबाज डर्क नैनेस ने 2009 में ऑस्ट्रेलिया की ओर से टी20 वर्ल्ड कप खेला था। लेकिन इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड्स की टीम के लिए 2010 और 2014 के टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया। डर्क नैनेस का क्रिकेट करियर इस बात की मिसाल है कि खेल सीमाओं से परे होता है। नीदरलैंड्स के लिए उन्होंने बेहतरीन स्पेल फेंके और कई बड़े बल्लेबाजों को पवेलियन लौटाया।
5️⃣ मार्क चैपमैन (Hong Kong & New Zealand)
इस लिस्ट में सबसे दिलचस्प नाम है न्यूजीलैंड के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज मार्क चैपमैन। उन्होंने 2014 और 2016 के टी20 वर्ल्ड कप में हांगकांग की ओर से खेला था। बाद में उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए क्वालिफाई किया और 2021, 2022 तथा 2024 में कीवी टीम से वर्ल्ड कप खेले। चैपमैन अब न्यूजीलैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।
क्रिकेट में यह बदलाव कैसे संभव है?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी यदि किसी देश के लिए खेलने के बाद तीन साल तक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलता, और उसके पास दूसरे देश की नागरिकता है, तो वह उस देश के लिए खेलने का पात्र होता है। यही कारण है कि इन खिलाड़ियों ने अपने करियर का दूसरा अध्याय किसी नए देश से शुरू किया।
इन खिलाड़ियों की कहानियां इस बात का सबूत हैं कि क्रिकेट अब वाकई ग्लोबल गेम बन चुका है, जहां प्रतिभा सीमाओं से नहीं, अवसरों से पहचानी जाती है।
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