अवैध निर्माण हटाने गए तहसीलदार पर किया हमला

-रामकृष्‍ण पाराशर धुआंधार-

शिवपुरी (वेबवार्ता)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की तहसील पिछोर नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने गए तहसीलदार पर अतिक्रमणकारियों हमला बोल दिया, जिससे वह घायल हो गए। तहसीलदार के निवास स्थान की बाउंड्री के पीछे पवन सेन वीरेंद्र जोगी बृजेश जोगी ने रातों-रात अतिक्रमण कर दीवाल बना ली थी जिसको हटवाने के लिए तहसीलदार अपने साथ माखन पाल सुरेश लोधी नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह व दिनेश चौरसिया, सीएमओ विनय भट्ट पटवारी, महेश सोनी, पटवारी रामानंद बिदुआ, बलराम चौकीदार को अतिक्रमण के संबंध में अवगत कराकर हटवाने के लिए गए तो सत्येंद्र बुंदेला, उपेंद्र चौहान, बृजेश जोगी, अशोक जोगी, वृंदावन जोगी, टिल्लू जोगी, सोंटी जोगी, बल्लू जोगी, नरेश जोगी, पवन सेन, कालूराम सेन, लक्ष्मण सेन, धर्मेंद्र सेन, वीरेंद्र जोगी, पुरूषेत्‍तम जोगी, रामकुमार जोगी, लखन जोगी व वृंदावन जोगी की पत्नी इसके अलावा अन्य करीब 15 महिलाएं व 25 पुरुष हाथ में डंडे सरिया लेकर एक राय होकर तहसीलदार पर हमला बोल दिया जिससे तहसीलदार घायल हो गए तथा कर्मचारी भी चोटिल हो गए।

तदोपरांत गुस्साए एसडीएम उदयसिंह सिकरवार, तहसीलदार दीपक शुक्‍ला ने नप सीएमओ विनय भटट, एसडीओपी देवेन्‍द्र सिंह, टीआई अजय भार्गव, महेश सोनी पटवारी ने पुलिस प्रशासन के अमले को बुलाकर अतिक्रमण हटाने संबंधी ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी जिसमें एसडीएम क्वार्टर के सामने रखी सारी स्टालों को मय सामान के जमींदोज कर दिया। इसके अलावा भी बीएसएनएल एक्सचेंज से लेकर रेस्ट हाउस, डाक बंगला तक, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने रखे स्टोलों को जेसीबी द्वारा तोड़ा गया, जिसमें लोगों का काफी नुकसान होता देखा गया, कार्यवाही सुबह उस समय हुई जब लोग अपनी दुकानें भी ठीक से नहीं खोल पाए थे लोगों को अपनी स्टालों को तो हटाना दूर सामान भी नहीं हटाने दिया गया। अतिक्रमण हटाने संबंधी कार्यवाही यही नहीं रुकी बल्कि बिजासेन रोड पर पक्की बनी दुकानों के आगे की टीन सेड को भी जेसीबी द्वारा प्रशासन की मौजूदगी में तोड़ा गया।

तहसीलदार दीपक शुक्‍ला ने पुलिस थाना पिछोर में दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने मेडीकल कराकर नामजद व्‍यक्तियों सत्येंद्र बुंदेला, उपेंद्र चौहान, बृजेश योगी, अशोक योगी, वृंदावन योगी, टिल्लू जोगी, सोन्टी जोगी, बबलू जोगी नरेश जोगी, पवन सेन, कालूराम सेन, लक्ष्मण सेन, धर्मेंद्र सेन, वीरेन्द्र योगी, पुरुषोत्तम जोगी, रामकुमार जोगी, लखन जोगी, वृंदावन योगी तथा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस ने तहसीलदार की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 353, 332, 186, 188, 294, 147, 148, 149 एवं 506 के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

पीड़ित लोगों के अनुसार दीपावली के नजदीक धंधे का सामान दुकानों में अधिक भरा था प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के संबंध में कोई नोटिस जारी किया गया था। वहीं अन्य एक मनिहारी की दुकान संचालिका सावित्री का कहना है कि हमारे तीन बच्चे हैं गरीब हैं इसी दुकान के सहारे भरण पोषण होता है मुझे 1 घंटे की भी मोहलत नहीं दी गई और दुकान तोड़ दी गई दुकानदार पुरषोत्तम योगी के अनुसार दुकान से सामान निकाल ले तक का मौका नहीं दिया और दुकान तोड़ दी गई हमें कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया।। दुकानदार सतीश कुमार के अनुसार प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए यकायक आ धमका और हमें सामान उठाने का भी मौका नहीं दिया। अगर प्रशासन मोहलत देती तो हम स्वयं हटा लेते।

दीपक त्रिपाठी का कहना है कि हमारी दुकान 434 नंबर में बनी हुई है हमारा कोई अतिक्रमण नहीं है फिर भी प्रशासन ने मेरी 25 साल से बनी हुई दुकानों को तोड़ने के लिए आ गया था। उन्होंने प्रशासन पर अतिक्रमण को लेकर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। दुकानदार भगवानदास झा का कहना है कि उनकी दुकान अतिक्रमण में नहीं थी फिर भी आक्रोशित तहसीलदार ने दुकान के सामने की न सिर्फ टीन सेट तोड़ दी बल्कि दुकान के बाहर रखा ग्राहकों का सामान टैंकर आदि नष्ट कर दिए, जिससे मेरा लगभग दो लाख से अधिक रुपए का नुकसान हो गया।

सतीश पाराशर का कहना है कि पेंटिंग कर वह अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण करते थे प्रशासन ने बगैर किसी सूचना के हमारा स्टॉल मैं सामान के तोड़ दिया इसके अलावा दुकानदार रूपेश गुप्ता का कहना है कि मेरी प्रोविजन की पक्की दुकान है जो अतिक्रमण में नहीं है फिर भी प्रशासन ने फ्रिज लाइट का मीटर सहित अन्य सामान तोड दिया। अधिकारी संघ एवं परवारी संघ द्वारा ऐसी घटना की घोर निंदा करते हुए सक्‍त से सक्‍त कार्यवाही की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *