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New Delhi, IN
Monday, May 21, 2018

राजनीति

मानों इस लोकसभा का टर्म खत्म!

-हरि शंकर व्यास- सोलहवीं लोकसभा का कार्यकाल मानों खत्म हुआ और केंद्र की मोदी सरकार अब जैसे-तैसे टाइम पास करती हुई! हां, यही है संसद...

अपनी राजनीतिक जमीन बचाने में लगी है सपा बसपा

-रमेश सर्राफ धमोरा- (स्वतंत्र पत्रकार) हाल ही में उत्तरप्रदेश में सम्पन्न हुये राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी भीमराव अम्बेडकर की हार के बाद बसपा सुप्रिमो मायावती...

दलित उत्पीड़न पर अदालती फैसला और राजनीति

-प्रभुनाथ शुक्ल- सर्वोच्च अदालत की तरफ़ से अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम पर एक फैसला आया है। लेकिन फैसले पर राजनीति शुरु हो गई है।...

सरकार! मरने के कगार पर है सीडीटीपी कर्मकार

-हेमेन्द्र क्षीरसागर- सरकार! मरने के कगार पर है सीडीटीपी कर्मकार। शीर्षक लिखने का मकसद कोहराम मचाना नहीं है वरन् एक जीती जागती हकीकत उजागर करना...

तब मोदी कैसे जीतेंगे बनारस में?

-हरि शंकर व्यास- सवाल गोऱखपुर से उठा है। जहां 29 साल बाद भाजपा हारी है! हां, जान लें कि देश की हिंदू राजनीति की पहली...

मानहानि के मुक़द्दमे केजरीवाल पर ही क्यों?

-तनवीर जाफ़री- दिल्ली उच्च न्यायालय ने हालांकि चुनाव आयोग द्वारा आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता निलंबित किए जाने के निर्णय के विरुद्ध...

उपचुनावों में हार से भाजपा नेताओं में बड़ी खलबली और बौखलाहट

-अनवार अहमद नूर- उपचुनावों में हार से भाजपा में बड़ी खलबली और बौखलाहट देखी जा रही है परिणाम आते के साथ ही भारतीय जनता पार्टी...

क्या भाजपा को नींद से जगाने में समर्थ है खतरे की घंटी

-डॉ हिदायत अहमद खान- यह तो अमूमन सभी ने मान लिया है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के उपचुनाव परिणामों ने भारतीय जनता पार्टी को...

विपक्ष का रास्ता

-राजेंद्र शर्मा- बेशक, इन चुनावों में गोरखपुर की हार भाजपा को सबसे चुभेगी। यह सिर्फ एक ऐसी सीट पर ही हार नहीं है जो खुद...

राहुल गांधी कुछ तो सोचे विदेश जाने से पहले!

-निरंजन परिहार- राहुल गांधी सामान्य मनुष्य की तरह से जीना, घूमना-फिरना और सोचना बंद करे। न तो वे पहले कभी सामान्य व्यक्ति थे और अब...