छात्रा दुष्कर्म मामले में स्वामी चिन्मयानंद को एसआईटी ने किया गिरफ्तार

शाहजहांपुर/लखनऊ, 20 सितंबर (वेबवार्ता)। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर के चर्चित छात्रा रेप मामले में शुक्रवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) प्रवीन कुमार ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसआइटी ने शुक्रवार को चिन्मयानंद को बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ उनके आश्रम में घेर लिया।

एसआइटी की टीम स्वामी चिन्मयानंद को मुमुक्ष आश्रम उनके निवास से कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाली लेकर गई। उन्होंने बताया कि एसआइटी ने पुलिस की टीम के साथ पहुंचकर स्वामी चिन्मयानंद को आश्रम से उठाया और बाद में कोतवाली ले गई। उसके बाद चिकित्सीय परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि स्वामी चिन्यमानंद का ट्रामा सेंटर में चेकअप कराया जा रहा है। इस दौरान एसआइटी प्रभारी नवीन अरोड़ा के साथ ही अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद हैं।

एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने कहा था कि, हमें 23 सितंबर तक पूरी जांच रिपोर्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय को देनी है और वह इस विवेचना में दोनों मामलों में कड़ी से कड़ी जोड़ रहे हैं। इससे पहले चिन्मयानंद की हालत ज्यादा खराब होने की वजह से बुधवार को उन्हें शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एम पी गंगवार ने बताया बताया था कि चिन्मयानंद की तबीयत बिगड़ने के कारण मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां उन्हें आठ नंबर वार्ड में भर्ती किया गया था। डॉक्टर ने उन्‍हें देखा और उन्हें आवश्यक दवाई दी गई। डॉ. गंगवार ने चिन्‍मयानंद के स्‍वास्‍थ्‍य के विषय में बताया था कि उन्‍हें बेचैनी और कमजोरी के अलावा दस्त की समस्या थी।

एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने विशेष जांच टीम बनाई है। उन्होंने कहा कि अपराध संख्या 442 तथा 445, दोनों विवेचना का हमारी टीम ने अवलोकन किया। पुलिस ने जो कार्रवाई की थी, वह भी देखी। उसके बाद योजना बनाकर कार्य शुरू किया गया।

डीजीपी ओपी सिंह- जांच में सही मिला सेक्स स्कैंडल वीडियो

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि जांच में वीडियो सही पाए जाने पर चिन्मयानंद की गिरफ्तारी हुई है। इनके अलावा ब्लैकमेल करने वाले तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी शुक्रवार को डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में सूबे के पुलिस उच्चाधिकारियों के री यूनियन सेमिनार में शामिल होने आए थे। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सभी साक्ष्य एकत्र करने के बाद गिरफ्तारी की गई है। पुलिस के पास मजबूत साक्ष्य हैं। चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। रामपुर सांसद आजम खां के सवाल पर कुछ नहीं बोले।

आरोपों को स्वामी ने बताया साजिश

लॉ छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों पर स्वामी चिन्मयानंद का कहना था कि वह जल्द ही एक विश्वविद्यालय का निर्माण करने जा रहे थे। कुछ लोग चाहते हैं कि उसका निर्माण कार्य ना हो पाए। उनके खिलाफ पूरी साजिश की गई है और इसी के तहत आरोप लगाए गए हैं।

कौन है चिन्मयानंद


  1. चिन्मयानंद का असली नाम कृष्णपाल सिंह है। उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। चिन्मयानंद राम मंदिर आंदोलन के बड़े नेताओं में शुमार थे। वाजपेयी सरकार में उनको केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया था।
  2. चिन्मयानंद ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की थी। चिन्मयानंद का शाहजहांपुर में आश्रम भी है और वहां वह एक लॉ कॉलेज भी चलाते हैं।
  3. चिन्मयानंद पहली बार बीजेपी के टिकट पर उत्तर प्रदेश की बदायूं लोकसभा सीट से साल 1991 में सांसद चुने गए। साल 1998 में मछलीशहर और 1999 में जौनपुर से सांसद चुने गए।
  4. वह गोरखपुर की गोरक्षा पीठ के महंत और पूर्व सांसद अवैद्यनाथ के काफी करीबी थे। यही वजह हो सकती है कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से उनके अच्छे संबंध हैं।
  5. साल 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान चिन्मयानंद योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाने की वकालत कर रहे थे।
  6. एसआईटी ने चिन्मयानंद के लॉ कॉलेज स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय के अभिलेख, खसरा खतौनी भी मांगे हैं। इसके अलावा कुछ छात्रों का शैक्षिक रिकार्ड भी मांगा है।
  7. इस मामले में पीड़िता के पिता की ओर से कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था।
  8. आपको बता दें कि साल 2011 में भी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर में उनकी पूर्व शिष्या साध्वी ने रेप का केस दर्ज कराया था। साध्वी का कहना था कि वह जब स्वामी के साथ थी तब उन्होंने बलात्कार किया था।

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