कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रह्लाद सिंह साहनी आप में हुए शामिल

नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (इरशान सईद)। कांग्रेस से चार बार विधायक रहे प्रह्लाद सिंह साहनी रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गये। साहनी (68) ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी (आप) के कार्य से प्रभावित हुए हैं और वह जहां भी जाते हैं उन्हें ‘आप’ द्वारा किये गये विकास के कार्य सुनने को मिलते हैं। साहनी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी सहयोगी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिये टिकट पाने के मकसद से वह पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं, बल्कि दिल्ली के विकास की दिशा में काम करने के इरादे से पार्टी में शामिल हो रहे हैं।

पार्टी में साहनी का स्वागत करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि वह अपनी टीम के साथ आप में शामिल हो गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आम आदमी पार्टी की शुरुआत एक आंदोलन के तौर पर हुई थी और ऐसा भी वक्त था जब सत्ता आने पर पार्टियां अपना विजन खो देती हैं लेकिन ‘आप’ के साथ ऐसा नहीं है। सत्ता में आने के बाद से हमने क्रांतिकारी कार्य किये हैं।’’ साहनी 1998 से 2015 तक चांदनी चौक से विधायक रहे। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें ‘आप’ उम्मीदवार अलका लांबा ने हराया था।

बता दें कि प्रह्लाद सिंह साहनी 1983 से 1990 तक निगम पार्षद रह चुके हैं। उसके बाद 1998 से 2015 तक लगातार चार बार विधायक रहे। 2015 में चांदनी चौक में आम आदमी पार्टी उम्मीदवार अलका लांबा से वे चुनाव हार गए। प्रह्लाद सिंह साहनी शीला दीक्षित के करीबी सहयोगी रहे हैं, उनके निजी सचिव भी रहे। लेकिन शीला दीक्षित के न रहने के बाद से प्रह्लाद साहनी की कांग्रेस से दूरियां बढ़ती गई।

यह बढ़ती दूरियां रविवार को अंततः आम आदमी पार्टी के साथ की नजदीकी में बदल गई। खुद मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रह्लाद सिंह साहनी को अपनी पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर पार्टी के राज्यसभा सांसद और दिल्ली प्रदेश चुनाव प्रभारी संजय सिंह की भी मौजूदगी रही।

आम आदमी पार्टी के दो सबसे वरिष्ठ नेताओं द्वारा कांग्रेस पार्टी के इस वरिष्ठ नेता प्रह्लाद सिंह साहनी को शामिल कराया जाना, यह बताता था कि इनकी राजनीतिक अहमियत कितनी है। आम आदमी पार्टी में शामिल होते हुए प्रह्लाद सिंह साहनी ने सबसे पहले शीला दीक्षित का जिक्र किया और फिर अरविंद केजरीवाल के कामों का भी जिक्र किया।

गौरतलब है कि जिस अलका लांबा से प्रह्लाद साहनी को मात मिली थी, उन्होंने आम आदमी पार्टी से बागी रुख अख्तियार करने के बाद इस्तीफा दे दिया। अब पूरी संभावना है कि आम आदमी पार्टी चांदनी चौक से प्रह्लाद साहनी को अपना उम्मीदवार बना सकती है।

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