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Sunday, January 21, 2018

धर्म-कर्म

मौन प्रार्थना में विचार प्रधान होता है

साधक शांत मुद्रा में आंख बंद करके बैठ जाए और ईश्वर के दिव्य प्रकाश का स्मरण करे तो उसको अनंत अंतरिक्ष में विशाल प्रकाश...

भगवान वामन श्री हरि के पहले ऐसे अवतार थे जो मानव रूप में प्रकट...

हमारे वेदों में चार युगों का वर्णन मिलता है। ब्रह्माजी का एक दिन यानी चार वेदों का समय है। यह समय सौर वर्ष (12...

अभिमानी का अंत

-रेणु सैनी- एक जंगल में बांस के वृक्ष के साथ ही आम का पेड़ भी था। बांस का कद ऊंचा था और आम का छोटा।...

चरित्र मानव जीवन की स्थायी निधि है

सद्भावना के लिए आवश्यक है चरित्र। सद्विचारों और सत्कर्मों की एकरूपता ही चरित्र है। जो अपनी इच्छाओं को नियंत्रित रखते हैं और उन्हें सत्कर्मों...

भगवान का अभिषेक करते समय इन बातों का रखें ध्यान

मंदिरों में भगवान का अभिषेक पूरे विधि-विधान से किया जाता है। आप घर के मंदिर में भी भगवान का अभिषेक कर सकते हैं, वैसे...

तंत्र साधकों के प्रधान देवता कालभैरव

ब्रह्मा जी के अहंकार को नष्ट करने के उद्देश्य से देवाधिदेव महादेव शिव के तीसरे नेत्र से प्रकट होने वाले काल भैरव सामान्य तौर...

गणेशजी सात्विक एवं सार्वभौमिक देवता हैं

-ललित गर्ग- भाद्रपद शुक्ल कह चतुर्थी को सिद्धि विनायक भगवान गणेश का जन्म हुआ। गणेश के रूप में विष्णु शिव-पावर्ती के पुत्र के रूप में...

असली सुंदरता

एक कौवा सोचने लगा कि पक्षियों में मैं सबसे ज्यादा कुरूप हूं। न तो मेरी आवाज ही अच्छी है, न ही मेरे पंख सुंदर...

मुसीबतों में मन ही मन बोलें यह विष्णु मंत्र, शुभ फल मिलेंगे

मुसीबतों में मन ही मन बोलें यह विष्णु मंत्र, शुभ फल मिलेंगे 9/16/2017 1:20:55 PM धर्मग्रंथ कर्म को पूजा का दर्जा देते हैं, किंतु कर्म के...

युगों-युगों के लिए आदर्श भाई बन गए भरत

युगों-युगों के लिए आदर्श भाई बन गए भरत 9/20/2017 10:57:43 PM श्रीराम वनवास के बाद महाराज दशरथ ने उनके वियोग में अपना प्राण त्याग दिया। फिर...
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