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Tuesday, June 19, 2018

समसामयिक

एक फोटोग्राफर को एक फिल्म ने बालीवुड का जनक बना दिया

30 अप्रैल 1870 को त्रयंबक महाराष्ट्र में हुआ था जन्मे एक बालक जिसका नाम उनके माता पिता ने धुंडीराज गोविंद फाल्के रखा था। तब...

आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होता मुस्लिम समाज

-तनवीर जाफरी- इंडोनेशिया तथा पाकिस्तान के बाद भारतवर्ष पूरे विश्व में मुस्लिम जनसं या वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है। दुनिया में आतंकवाद का व्यापार...

फसल के दाम का सच

-प्रो. योगेंद्र यादव- कल रात एक छोटा-सा वीडियो देखा, कुछ ही मिनट का रहा होगा। इस वीडियो में महाराष्ट्र के जालना जिले का एक किसान...

आंकड़ों की हवस के मायने

-डॉ गोपाल कृष्ण- गार्जियन और न्यूयॉर्क टाइम्स के मार्च 17 के फेसबुक घोटाले के खुलासे के बाद अमेरिकी कंपनी फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग को...

वैचारिक विरोध और शिष्टाचार

-बलबीर पुंज- हाल के दिनों में देश में कुछ ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं जो भारत की राजनीतिक और सामाजिक वास्तविकताओं के उज्जवल पक्ष को...

कैसे रुकेगी यह क्रूरता

-चिन्मय मिश्र- आज जिस तरह की क्रूरता हमारे सामने है, दो दशक पहले हमने उसकी कल्पना तक नहीं की थी। हमें आंख बंद कर कल्पना...

जितेन्द्र बिसेन : एक कर्मवीर, श्रम श्री

-हेमेन्द्र क्षीरसागर- देश में चहुंओर श्री, श्री की जय, जयकार है। बयार में श्री, श्रीमान के साथ श्रीयुत्, श्रीमंत और सर्वश्री कंठहार है। दौर में...

08 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष : कलाओं में है दम भरने का...

विचार करें तो किसी संज्ञा-सर्वनाम के भीतर पहले से मौजूद सद्गुण, कौशल तथा वृति को उभारना... विकसित करना ही उसका असल सशक्तिकरण है... असली...

08 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : महिला सशक्तिकरण की राह में मील का...

-सोनिया चोपड़ा- आज हर जगह महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हो रही है, लेकिन क्या सामाजिक बदलाव के बिना महिलाओं का सशक्तिकरण संभव है। राष्ट्रीय मीडिया...

‘‘आखिर कब तक सहेंगे हम घोटाले?’’

-प्रवीन शर्मा- अल्फ्रेड लार्ड टेनिसन की मशहूर कविता ‘द’ ब्रूक की यह पंक्तियाँ किसी से छिपी नहीं हैं। द ब्रूक कविता बहती नदी के ऊपर...