50वां अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह : अमिताभ, रजनीकांत की मौजूदगी में हुआ शुरू

पणजी, 20 नवंबर (सईद अहमद)। देश-विदेश के फिल्मी सितारों का रंगारंग मेला ‘50वें अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह’ का बुधवार को यहां मेगास्टार अमिताभ बच्चन और सुपर स्टार रजनीकांत की मौजूदगी में भव्य एवं गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में इस आकर्षक समारोह का उद्घाटन सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया। महानायक अमिताभ बच्चन और सुपर स्टार रजनीकांत की मौजूदगी ने इस समारोह को चार चांद लगा दिए। समारोह का शुभारंभ दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पर बनी फिल्म के साथ हुआ। गोवा में 2004 से हर साल अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का सिलसिला दिवंगत पर्रिकर ने ही किया था।

गोवा के मुख्यमंत्री विजय सावंत समारोह में विशेष अतिथि थे। अमिताभ और रजनीकांत के मंच पर आते ही पूरा स्टेडियम हज़ारों दर्शकों की जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जाने-माने फिल्म निर्देशक करण जौहर ने समारोह का संचालन किया। नौ दिनों तक चलने वाले इस भव्य समारोह में 76 देशों की 300 फिल्में दिखाई जा रही हैं। इसमें पहली बार आठ राज्यों के भी मंडप लगाए गए हैं। सात हज़ार प्रतिनिधि इसमें भाग ले रहे हैं। इस तरह उनकी संख्या में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। समारोह में पहली बार गोवा के 200 कलाकार छात्रों के अनोखे इंस्टालेशन्स लगे हैं। इस बार 72 घण्टे में लघु फिल्म निर्माण की प्रतियोगिता भी शुरू की गई हैं। इस फ़िल्म की अवधि पांच से आठ मिनट रखी गई है। इस प्रतियोगिता के लिए 10 राष्ट्रीय अवार्ड हैं, गोवा श्रेणी में 20 पुरस्कार है और एक जूरी अवार्ड भी है। इस प्रतियोगिता के लिए 462 लोगों ने पंजीकरण कराया है जिनमें गोवा श्रेणी के लिए 110 पंजीकरण हुए हैं।

समारोह में मशहूर फिल्म अभिनेता रजनीकांत को आइकन अवार्ड दिया जा रहा है और दादा साहब फाल्के अवार्ड के लिए चयनित अमिताभ बच्चन की फिल्मों का पुनरावलोकन हो रहा है। इनमें शोले, दीवार, ब्लैक, बदला, पा, पीकू जैसी उनकी छह फिल्में हैं। समारोह में भारतीय पैनोरमा की 26 फीचर फिल्में तथा गैर फीचर 21 फिल्में दिखाई जाएंगी। फीचर फिल्मों का प्रारंभ अभिषेक शाह की हेल्लरो से होगा जबकि गैर फीचर फिल्मों का प्रारंभ कश्मीरी फ़िल्म नुरेह से होगा। समारोह की उद्घाटन फ़िल्म डिसपाइट द फाग है। इसके निर्देशक इटली के प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक गोरान पास्कल हैं। इस बार सेमिनार का थीम सांग जॉय ऑफ सिनेमा है।

फिल्मों में आजीवन योगदान के लिए पुरस्कार फ्रांस की विश्व प्रसिद्ध अभिनेत्री इसाबेला हूपर को मिला। उन्हें कान फिल्म समारोह में भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का दो बार पुरस्कार मिल चुका है। समारोह में गिरीश कर्नाड, मृणाल सेन, विद्या सिन्हा, कादर खान एवं खय्याम को विशेष श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनकी फिल्में दिखाई जा रही हैं। इसके अलावा जिन फिल्मों के निर्माण के इस वर्ष 50 साल पूरे हुए उन्हें भी दिखाया जा रहा और इनमें आराधना, सत्यकाम समेत 11 चुनिंदा फिल्में है जो हिंदी के अलावा नौ भारतीय भाषाओं की हैं।

समारोह में अंकुर, भूमिका, दुविधा, उसकी रोटी, तरंग जैसी 12 कला फिल्मों का भी पुनरावलोकन हो रहा है। चलती का नाम गाड़ी, पड़ोसन, चेन्नई एक्सप्रेस, टोटल धमाल, हेरा-फेरी जैसी 13 फिल्में खुले आसमान के नीचे दिखाई जा रही हैं। लगे रहो मुन्ना भाई और एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी भी विशेष रूप से दिखाई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह की स्वर्ण जयंती होने के कारण इस बार विशेष तैयारियां की गयी हैं और इसे यादगार बनाने के इंतजामात किये गए हैं। पणजी की मुख्य सड़क को लड़ियों से कई किलोमीटर तक सजाया गया है। इस समारोह के कार्यक्रम नौ स्थानों पर हो रहे हैं।

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