सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की चेतावनी आंतरिक मामला नहीं : उमर

0
26

श्रीनगर, 13 जनवरी (वेबवार्ता)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों यह चेतावनी कि लोकतंत्र खतरे में है सर्वोच्च न्यायालय का आंतरिक मामला नहीं है तथा यह मुद्दा हर भारतीय के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। मुख्य विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अब्दुल्ला ने कहा कि चार न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति चेलमेश्वर की 2जी घोटाले में बरी हुए डी राजा के साथ की गयी बैठक जल्दबाजी में उठाया गया गलत कदम था। श्री अब्दुल्ला ने ट्िवटर किया भारत में लोकतंत्र खतरे में है। कल माननीय न्यायाधीशों ने यह चेतावनी दी। इसलिए यह मुद्दा माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आंतरिक मामला नहीं है। उन्होंने आगे कहा यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बनाम कांग्रेस या राहुल बनाम मोदी का मुद्दा नहीं है। यह एक ऐसा मुद्दा है जो हर भारतीय की चिंता का विषय है। भारत में लोकतंत्र देश का मूल आधार है। हम दुनिया को यह कहने में गर्व करते हैं कि हम सबसे बड़े लोकतंत्र हैं भले ही हमारा लोकतंत्र सबसे पुराना या महानतम न हो। उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठत्म न्यायाधीश भारत के लोकतंत्र पर खतरा महसूस करते हैं तो हम इसे अनदेखा नहीं कर सकते। इससे पूर्व के ट्वीट में श्री अब्दुल्ला कहा मैं डी राजा साहब का बड़ा सम्मान करता हूं लेकिन न्यायाधीश चेमलेश्वर से उनके घर पर जाकर उनका मुलाकात जल्दबाजी उठाया गया गलत कदम था। ऐसे मैं आप उन लोगों के हाथ का खिलौना बनते हो जो माननीय न्यायाधीशों की कही गयी बात को कमतर करना चाहते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here