ट्रैफिक की गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए नीति जल्द

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नई दिल्ली, 11 जनवरी (वेबवार्ता)। दिल्ली में दो करोड़ आबादी और एक करोड़ वाहनों के कारण ट्रैफिक की गंभीर समस्या पैदा हो गयी है, जिसे सुलझाने में ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट रहे हैं और इस समस्या से निजात पाने के लिए वह जल्दी ही एक सख्त ट्रैफिक नीति बनने जा रही है। यह बात दिल्ली यातायात पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने पुलिस के वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को कही।

विशेष आयुक्त दीपेन्द्र पाठक ने यातायात की गंभीर होती समस्या को लेकर पूछे एक सवाल के जवाब में कहा कि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में यह दो करोड़ के करीब है। वहीं शहर में वाहनों की सं या बढ़कर एक करोड़ तक पहुंच गयी है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों से 15-20 लाख वाहन हर रोज राजधानी में आते जाते हैं ऐसे में ट्रैफिक को देख पाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है।

विशेष आयुक्त ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की कमी, यातायात नियमों की अनदेखी और अवसंरचना निमार्ण संबंधी खामियों को यातायात की समस्या का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इनमें से किसी एक समस्या के निदान से काम नहीं चलेगा। यातायात को सही और सुचारित करने के लिए सभी का समाधान करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी एक चलन बनता जा रहा है। ये नियम सिर्फ सड़कों पर वाहनों के चलने के लिए नहीं बनाए गए बल्कि सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों तथा वाहन चलाने वालों की सुरक्षा भी इससे जुड़ी है। ऐसे में इनका स ती से पालन होना जरूरी है, इसलिए यातायात की नयी नीति तैयार की जा रही है जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों और पार्किंग माफियाओं के खिलाफ स त प्रावधान होंगे।

विशेष आयुक्त ने कहा कि वैसे यातायात पुलिस अपनी तरफ से ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी के हरसंभव प्रयास कर रही है। शहर में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां यातायात नियंत्रण के विशेष उपाय किए गए हैं। भीड़-भाड़ वाले चैराहों पर सीसीटीवी कैमरों से वाहनों पर नजर रखी जा रही है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ हर संभव कार्रवाई की जा रही है। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर समय समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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