अवीवा ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से की साझेदारी

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नई दिल्ली, 11 जनवरी (वेबवार्ता)। जीवन बीमा उत्पादों के वितरण के लिये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी के बीच पहला गठबंधन हुआ है। बैंक आफ महाराष्ट्र और अवीवा लाइफ इंश्योरेंस ने आज जीवन बीमा उत्पादों के वितरण के लिये कार्पोरेट एजेंसी व्यवस्था की घोषणा की है। इसके तहत बैंक आफ महाराष्ट्र देशभर में स्थित अपनी 1,863 शाखाओं के जरिये अवीवा लाइफ इंश्योरेंस के बीमा उत्पाद बेच सकेगा। दोनों के बीच खुली व्यवस्था प्रणाली के तहत यह गठबंधन हुआ है। इस व्यवस्था के तहत बैंक कई बीमा कंपनियों के उसी श्रेणी के उत्पादों को एक साथ बेच सकता है। इससे ग्राहकों को कई तरह के विकल्प उपलब्ध होते हैं। ऐसे में वह अपनी पसंद का बीमा उत्पाद चुन सकते हैं।

अवीवा लाइफ की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार भारत में बीमा घनत्व 3.42 प्रतिशत के आसपास है जबकि इसका वैश्विक अनुपात 6.2 प्रतिशत है। बैंक आफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आर पी मराठे ने इस अवसर पर कहा कि अवीवा लाइफ के साथ गठबंधन से बैंक अपने ग्राहकों को बेहतर उत्पाद की पेशकश कर सकेगा। इसके जरिये बैंक दूसरी, तीसरी श्रेणी के शहरों में बिना बीमा सुविधा वाले लोगों तक पहुंच सकेगा।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व प्रबंध निदेशक आर. पी. मराठे ने बताया, ‘‘1935 में स्थापना के बाद से ही बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एक व्यापक नेटवर्क  बनाया है। बैंक ने उपभोक्ताओं के धन सृजन को समर्थन देते हुए समग्र वित्तीय समाधान मुहैया कराने के लगातार प्रयास किए हैं। औद्योगिक रिपोर्ट के अनुसार 6.2 प्रतिशत के वैश्विक औसत के मुकाबले भारत में बीमा क्षेत्र में निवेश महज 3.42 फीसदी ही है। हम देश के टियर-2 और टियर-3 के शहरों में एक ऐसी आबादी के बड़े वर्ग तक पहुंचना चाहते हैं, जो बीमा करा सकती है, लेकिन अभी तक उन तक पहुंचा नहीं जा सका है।’’

अवीवा लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ट्रेवर बुल ने कहा, ‘‘अपनी व्यापक पहुंच के कारण बैंक ऑफ महाराष्ट्र भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रमुख और सबसे सम्मानित बैंकों में से एक है। इस साझेदारी के माध्यम से हम उपभोक्ताओं की बेहतर ढंग से सेवा में सक्षम होंगे और जीवन बीमा पॉलिसी लेने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।’’

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