आपको क्या सिखाती है शादी?

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शादी के फायदे कई हैं। पर क्या कभी सोचा है कि ये फायदे सामाजिक और निजी होने के साथ-साथ प्रोफेशनल भी हो सकते हैं।

आप सीखेंगी पारदर्शी बनना

सच्चाई, ईमानदारी और भरोसा। ये कुछ ऐसे शब्द हैं, जो पति-पत्नी के रिश्ते को प्रगाढ़ बनाते हैं। पर, अगर ये शब्द पर्सनैलिटी का हिस्सा बन जाएं तो ये प्रोफेशनल जिंदगी को भी बेहतर बनाते हैं। दरअसल, हर बार इन तीन शब्दों का रिश्ते में इस्तेमाल आपको भरोसेमंद लोगों की श्रेणी में लाता है। अच्छा इंसान बनने की आपकी यह कोशिश आपकी निजी जिंदगी से बढ़कर कब आपकी प्रोफेशनल जिंदगी का अटूट हिस्सा बन जाएगी, आपको मालूम ही नहीं चलेगा। और देखते ही देखते आप अपने जीवनसाथी के साथ-साथ ऑफिस में पूरी टीम की भी खास बन जाएंगी। इसका असर धीरे-धीरे होगा, पर होगा जरूर।

शिकायतें बुरी नहीं लगेंगी

शादी का मतलब, कुछ कमियां हम दूर करें और कुछ तुम। इसी तरह जिंदगी आगे बढ़ती रहती है। यह तरीका जीवन भर आपसी रिश्ते को तो सुधारता ही है, इंसान के तौर पर भी आपको मजबूत बनाता है। आप खुद में सुधार के लिए तैयार होती हैं। सामने वाले की शिकायत पर बहस करने की जगह, शिकायत दूर करने की कोशिश करती हैं। यह आदत धीरे-धीरे प्रोफेशनल जिंदगी में भी आ जाती है। चूंकि अपनी गलतियों को सुनने के लिए आप तैयार होती हैं, इसलिए प्रोफेशनल जिंदगी में सामने वाले की नकारात्मक फीडबैक आपको परेशान नहीं करती।

सीखेंगी सराहने की कला

पति आपकी एक-एक इच्छा का ध्यान रखते हैं, आज चॉकलेट भी वही लाए, जो आपको बहुत पसंद है। चीज छोटी-सी है, इसलिए आपने तारीफ की या नहीं? अगर नहीं की तो जरूर कीजिए, क्योंकि ऐसी छोटी-छोटी सरहाना आपके रिश्ते को और मजबूत बना सकती है। अब यही सरहाना वाला नियम ऑफिस में सहकर्मियों पर भी आजमाइए और देखिए कैसे वो और बेहतरीन काम करते हैं। वो न सिर्फ आपकी खूब मदद करेंगे, बल्कि बदले में आपके काम की सराहना भी खूब करेंगे।

गलतफहमियों से रहेंगी दूर

दो लोगों के बीच संवाद होता रहे तो गलतफहमियों के लिए जगह कभी नहीं रहती है। रिश्ते के लिए आपसी संवाद ऑक्सीजन का काम करती है। इस तरह कई बार बुरी स्थितियों से बचा जा सकता है। दरअसल संवाद बना रहता है, तो भ्रम की स्थितियां पैदा होने की आशंकाएं कम होती जाती हैं। बातें बिलकुल साफ होती हैं, तो गलतफहमियां होंगी भी कैसे? आपकी बेहतर आपसी संवाद की यह नई आदत ऑफिस में सहकर्मियों के साथ आपके रिश्ते को मजबूत बनाएगी और ऑफिस की राजनीति का शिकार होने से आप बच पाएंगी।

सुनना सीखेंगी आप

मां कहा करती थीं, पढ़ लो, दोस्त के यहां से जल्दी आना, सेहतमंद खाना खाओ और न जाने क्या-क्या… और आप बात पूरी होने से पहले ही कहती थीं, अरे मां, प्लीज छोड़ों न ये सब। पर, शादी होते ही आप दूसरों की हर बात ध्यान से सुनती हैं। हर बात पर जवाब देना जरूरी नहीं समझतीं। आदत ऐसी हुई है कि आप ऑफिस में भी यही नियम अपनाने लगी हैं। दूसरों की बात सुनती हैं, तो उनको भी समझ आता है कि आप उन्हें अहमियत दे रही हैं। दूसरों के साथ यह व्यवहार आपको ऑफिस में सबका खास बनाएगा और आपकी अहमियत को बढ़ाएगा।

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