जाति संघर्ष के कारण अराजकता की ओर बढ़ रहा महाराष्ट्र: शिवसेना

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मुंबई, 06 जनवरी (वेबवार्ता)। महाराष्ट्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भीमा कोरेगांव में हिंसा के लिए देवेन्द्र फड़णवीस सरकार पर हमले जारी रखते हुए कहा कि जाति संघर्ष के कारण महाराष्ट्र अराजकता और विध्वंस की ओर बढ़ रहा है।

 

शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया, दलित बंद आयोजित कर रहे हैं और हिंदुत्ववादी संगठन मोर्चा निकाल रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि महाराष्ट्र समृद्धि की ओर बढ़ने की बजाए जाति संघर्ष के कारण अराजकता और विध्वंस की ओर बढ़ रहा है। संपादकीय में कहा गया कि अगर प्रकाश अंबेडकर की अगुवाई वाले भारिपा बहुजन महासंघ (बीबीएम) की ओर से बुलाया गया बंद शांतिपूर्ण था तो नेता के तौर पर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उसमें कहा गया, उनके सहयोगी दिशाहीन हो चुके हैं। कोल्हापुर में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसमें कहा गया है कि शिव सेना जाति संघर्ष के वक्त मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ एकजुटता दिखा रही थी क्योंकि वह महाराष्ट्र की अस्मिता की रक्षा करना चाहती थी और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहती थी।

 

मुखपत्र के अनुसार एक जनवरी को भीमाकोरेगांव में हुई झड़प का इस्तेमाल जाति हिंसा भड़काने में इस्तेमाल करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दलित नेता ने समुदाय के सदस्यों के तेवरों को शांत करने की कोशिश नहीं की जो कि किसी भी तरीके से उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। संपादकीय में कहा गया, यह वक्त इस बात की समीक्षा करने का नहीं है कि क्या जाति हिंसा भाजपा को या किसी अन्य पार्टी को लाभ पहुंचाएगी।

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