ऊर्जा के सिद्धांतों पर 80 प्रतिशत ऊर्जा का करें संरक्षण : कुलपति

0
50

सोनीपत, 14 दिसंबर (राजेश आहूजा)। मुरथल स्तिथ यूनिवर्सिटी के कुलपति ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुलपति प्रो. अनायत ने आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं भी दी। कुलपति ने बाद में पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के अनुसार अगर भवनों का डिजाइन किया जाए तो भवनों में ऊर्जा का संरक्षण किया जा सकता है।

कुलपति प्रो. अनायत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन के अनुसार जब नए भवनों का डिजाइन होता है तो उर्जा संरक्षण के सिद्धातों पर पूर्ण ध्यान दिया जाये तो करीब 80 प्रतिशत ऊर्जा का संरक्षण किया जा सकता है। विश्व में ऊर्जा की मांग निरन्तर बढती जा रही है। वैश्विक उर्जा का 40 प्रतिशत उपयोग भवनों में होता है। उन्होंने कहा कि धीरे धीरे ऊर्जा के प्राकृतिक संसाधन विलुप्त होते जा रहे हैं। हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने की आवश्यकता है।

कुलपति प्रो. अनायत ने कहा कि हमारा देश विभिन्नताओं का देश है। देश के अलग अलग भाग में अलग अलग जलवायु रहती है। अगर हम देश के जलवायु मंडलों के हिसाब से भवनों का डिजाइन करेंगे तो भवनों में ऊर्जा का संरक्षण किया जा सकता है, इसके साथ ही साथ ऊर्जा की खपत को कम किया जा सकता है। इसका लाभ यह होगा कि हमारा पर्यावरण अच्छा रहेगा तथा आवास स्वास्थ्यप्रद होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो.काबरे की पुस्तक का लाभ नीतिनिर्धारकों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को मिलेगा। रजिस्ट्रार प्रो.एस.के.गर्ग ने प्रो.काबरे को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय का नाम अंतर राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

प्रो.काबरे की पुस्तक का विषय सस्टेनेबल बिलडिंग डिजाइन एपलिकेशन युसिगं क्लामेटिक डाटा इन इंडिया है। यह पुस्तक भवनों में उर्जा संरक्षण के लिए चिरस्थाई एवं वातावरण उत्तरदायी डिजाइन के क्षेत्र में छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं नीति निर्धारकों के लिए एक मूल्यवान संसाधन है।ऊर्जा का प्राथमिक स्त्रोत सीमित जीवाश्म है जो कि हजारों वर्षों में तैयार होता है और जिसका संरक्षण स्थाई विकास के लिए अतिआवश्यक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here