सरकार देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को कृत संकल्प: मोदी

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the public meeting, at Amity University Ground, in Noida, Uttar Pradesh on December 25, 2017.

नोएडा, 25 दिसंबर (वेबवार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश नीति के आधार पर चलता है, किसी की मर्जी से नहीं और उनकी सरकार विकासोन्मुख सुशासन के मंत्र के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को कृत संकल्प है। दिल्ली मेट्रो की 12 किमी लंबी मेजेंटा लाइन का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में एक भी विषय ऐसा नहीं होगा जिसपर राजनीतिक रंग न लगा हो। इसलिये कभी कभी विकास के उत्तम कार्य भी हमेशा जनहित के तराजू में तौलने की बजाए राजनीतिक हितों के तराजू पर तौले जाते हैं।

उन्होंने सवाल किया कि क्या राजनीतिक लाभ हो, तभी काम करना चाहिए? राजनीतिक लाभ नहीं हो तब क्या देश को अधर में लटकने देना चाहिए? मोदी ने कहा कि और इसलिये देश ने एक ऐसी सरकार चुनी है जो नीति पर चलती है, साफ नीयत से काम करना जानती है और आम लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने की नीयत से काम करना करना चाहती है। हमारे सारे कार्य आम लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हम कभी यह कहते हैं कि छोड़ो यार, ऐसे ही चलेगा। कभी कहते हैं कि हम तो गरीब देश हैं।

कोई काम कराने जाओ.. तब पूछा जाता है कि मेरा क्या और उसकी स्वार्थ सिद्धि नहीं हुई तब वह कहेगा कि तुम जानो, तुम्हारा काम जाने। मेरा क्या, मुझे क्या। इस स्थिति को देश ने बर्बाद कर दिया है लेकिन मैंने भी इसे बदलने का बीड़ा उठाया है। कांग्रेस पर परोक्ष निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि यह देश समृद्ध और सम्पन्न देश है लेकिन देश की जनता को उस सम्पन्नता और समृद्धि से अलग रखा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसलिये बारीकियों में देखा जाए तो ध्यान यह आता है कि समस्याओं की जड़ में एक महत्वपूर्ण कारण शासन व्यवस्था है।

हमारी सरकार आने के बाद हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन की तपस्या से प्रेरणा लेते हुए सुशासन के साथ देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने को कृत संकल्प हैं। उन्होंने कहा कि यह देश नीति के आधार पर चलता है, किसी की मर्जी के आधार पर नहीं। और नीतियां लिखित में होती हैं। हम इस देश को अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के सपने के आधार पर आगे बढ़ा रहे हैं। हम सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हम विकासोन्मुख सुशासन को आगे लेकर बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम विकास की बात करते हैं तब हमारा आशय होता है कि विकास सर्वसमावेशी हो, विकास सर्वस्पर्शी हो, विकास सार्वदेशिक हो, विकास का आशय सबका साथ, सबका विकास एवं सबकी भागीदारी के मंत्र से जुड़ा हो। उन्होंने कहा कि विकास आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर होना चाहिए। मेट्रो रेल सेवा का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि मैं नहीं समझता कि कोई उद्योगपति इस पर सफर करेगा। इस पर आप लोग, सामान्य लोग सफर करेंगे। बड़े गर्व के साथ सफर करेंगे। और मैं आपके लिये ही यहां आया हूं।

उन्होंने कहा कि उन राज्यों की प्रगति अच्छी हो रही है जहां सुशासन है। जहां शासन व्यवस्था में सुधार होता है, सरकार जवाबदेह होती है, सम्पूर्ण व्यवस्था का रूख सकारात्मक होता है, मुलाजिम जिम्मेदार होते हैं। तब समस्याएं अपने आप कम होती जाती हैं। उत्तरप्रदेश के पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों के नोएडा नहीं आने से जुड़े अंधविश्वास के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देता हूं कि उन्होंने बिना बोले यहां आकर इस मिथक को तोड़ दिया है। इनके कपड़े देखकर यह भ्रम फैलाया जाता है कि वे आधुनिक विचारों के नहीं हैं, पुरानपंथी हैं, पुरानी मान्यताओं को मानने वाले हैं। लेकिन उन्होंने इस मान्यता को तोड़ा कि अगर कोई मुख्यमंत्री यहां आए तो वह सरकार में नहीं रह सकता।

मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री कहीं जाने से कुर्सी ना चली जाए अगर इस डर से जीते हैं तो ऐसे लोगो को मुख्यमंत्री बनने का कोई हक नहीं है। श्रद्धा का अपना स्थान होता है पर अंधश्रद्धा के लिए कोई स्थान नही है। मान्यताओं में कैद होकर कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता है। प्रधानमंत्री ने इसी संदर्भ में गाड़ी को लेकर एक मुख्यमंत्री से जुड़ी घटना का भी जिक्र किया। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि ऐसी अंध्रश्रद्धा में जीने वाले लोग सार्वजनिक जीवन में बहुत अहित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उन्हें ऐसे पांच-छह स्थानों के बारे में बताया गया जहां जाने से कुर्सी चले जाने की मान्यता है।

मैंने उनसे कहा कि पहले साल में इन स्थानों की यात्रा पूरी की जाये। मेट्रो का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि मेट्रो से यात्रा करना हमारे देश में प्रतिष्ठा का विषय बनना चाहिए। तब जाकर के हम देश को कई समस्याओं से बचा सकते हैं। इनमें पेट्रोलियम पदार्थो के आयात पर होने वाला खर्च भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में सौर ऊर्जा से होने वाले लाभ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे काफी बचत भी होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने मुझे गोद लेकर, प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे सेवा करने का अवसर दिया।

मैं योगी आदित्यनाथ जी को बधाई देना चाहता हूं जिनके कुशल नेतृत्व में यूपी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण पहले की सरकार में एक दिन जितना होता था,इस सरकार के काल में दोगुना होता है। इसका कारण है सुशासन पर जोर। 2019 तक हर गाँव को पक्की सड़क से जोड़ने का कार्य अटल बिहारी वाजपेयी जी ने शुरू किया था, हमें उसको पूर्णता की ओर ले जाना है।

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