लड़कियों के जन्म पर थाली बजाकर समानता के अधिकार की आवाज करें बुलंद : अतिरिक्त उपायुक्त

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सोनीपत, 13 फरवरी (राजेश आहूजा)। अतिरिक्त उपायुक्त आमना तसनीम ने बेटियों के जन्म पर थाली बजाकर खुशी मनाने की पुरजोर वकालत की ताकि लड़कियों को समानता का अधिकार मिले। अभिभावकों को लडक़ों व लड़कियों के लिए समान अधिकार की आवाज को बुलंद करना चाहिए। इसकी शुरुआत थाली बजाने से ही होनी चाहिए।

अतिरिक्त उपायुक्त आमना तसनीम मंगलवार को थाली बजाओ कार्यक्रम के अंतर्गत एक निजी रेस्तरां में आयोजित बैठक को संबोधित कर रही थी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों व शिक्षकों ने हिस्सा लिया। थाली बजाओ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इन कार्यक्रमों की शुरुआत मुरथल से की गई थी, जिसमें गैर सरकारी स्वयंसेवी संगठन ब्रेक थ्रु का सहयोग लिया जा रहा है। यह संगठन छह राज्यों में इस दिशा में सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। सोनीपत में फिर से संगठन के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों का प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 15 फरवरी को घसोली गांव से होगी। स्कूलों के साथ गांव की चौपालों में कार्यक्रम किये जायेंगे, जिनमें लड़कियों को समानता के अधिकार पर बल दिया जाएगा। तारों की टोली समूह के माध्यम से जागरूकता की अलख जगाई जा रही है।

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी लड़कियों के साथ भेदभाव किया जाता है जो किसी भी रूप में उचित नहीं है। महिला सशक्तिकरण के लिए लड़कियों को भी लडक़ों के समान अधिकार देने होंगे। लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लडक़ों से पीछे नहीं है। उन्होंने निफ्टम का उदाहरण दिया कि वहां बीटैक व एमटैक के स्वर्ण पदक विद्यार्थियों में अधिकांश स्वर्ण पदक लड़कियों ने हासिल किये। बेटियों ने देश-विदेश में नाम रोशन किया है। उन्होंने रतिया व जींद की घटनाओं को उदाहरणस्वरूप प्रस्तुत करते हुए महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जींद में महिलाओं ने स्वयं अपने अधिकारों की रक्षा का प्रयास किया। रतिया में एक महिला के अधिकारों की रक्षा में स्वयं अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रमुख भूमिका निभाई।

अतिरिक्त उपायुक्त आमना तसनीम ने लड़कियों की शिक्षा पर विशेष रूप से बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही लड़कियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। घरेलू हिंसा से महिलाओं की रक्षा के लिए विशेष अधिनियम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मानसिकता को बदलने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि बेटों को सही शिक्षा व संस्कार दिये जायें ताकि उनकी सोच लड़कियों के प्रति सकारात्मक व अच्छी हो। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वयंसेवी संगठन को बुटाना गांव में तारों की टोली समूह के कार्यक्रम के आयोजन के निर्देश दिये, जहां की महिलाओं ने विशेष रूप से इस कार्यक्रम के आयोजन की मांग की है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न अधिकारियों व शिक्षकों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए महिलाओं के अधिकारों पर बल दिया। इस मौके पर एक डॉक्यूमैंट्री के माध्यम से भी लडक़ा-लडक़ी के भेद को खत्म करने का संदेश दिया गया। बैठक में डीएसपी सुशीला, एसएचओ कविता, प्रोटैक्शन ऑफिसर भानू गौड़, स्वीटी सैनी, आरती बल्हारा, सारथी ट्रस्ट के चेयरमैन सतपाल अहलावत, संगठन के मुकेश, रविंद्र सरोहा, मौसमी कुंडू, डीईओ सुमन नैन, प्राध्यापिका स्नेहलता, प्रिंसीपल संतोष राठी, पकंज व प्रवीन आदि अधिकारी एवं शिक्षकगण मौजूद थे।

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