राम राज्य रथयात्रा के तमिलनाडु पहुंचने पर हुआ विरोध प्रदर्शन

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तिरूनेलवेली, 21 मार्च (वेबवार्ता)। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए समर्थन जुटाने के इरादे से विश्व हिंदू परिषद द्वारा समर्थित यात्रा तमिलनाडु पहुंच गई। इसका द्रमुक, तमिल समर्थक एवं कुछ मुस्लिम संगठनों ने विरोधकिया। उनका दावाथा किइससे सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ेगा। सैकड़ों भक्तों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओंने फूलों की पंखुड़ियां बरसाकरइस ‘राम राज्य रथ यात्रा’ का स्वागत किया। यात्रा निकटवर्ती केरलराज्य तमिलनाडु के तिरूनेलवेल्ली जिले में शेनकोट्टा पहुंची।

मणिथानेया मक्कल कात्ची (एमएमके) के कार्यकर्ताओं सहित कुछ लोगों ने यात्रा को रोकने की धमकी दी है। यात्रा 13 फरवरी को अयोध्या से शुरू हुई थी। पुलिस ने बताया किप्रतिबंध आदेश का उल्लंघन करने और यात्रा को रोकने का प्रयास करने पर 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें वीसीके का तिरूमावलावन तथा एमएमके का जवाहिरूल्लाह शामिल है।

मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने यात्रा को प्रदेश में आने की अनुमति देने के अन्नाद्रमुक सरकार के रूख का बचाव करते हुए कहा कि सभी धर्मों को समान अधिकार हैं।उन्होंने इसे राजनीतिक रंग देनेवालों की आलोचना की। अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने यात्रा की अनुमति देने की आलोचना की और कहा कि‘‘ विभाजनकारी राजनीतिक एजेंडे’’ के तहतऐसा किया गया।

सक्रिय राजनीति में आने का ऐलान कर चुके सुपरस्टार रजनीकांत नेआगाह करते हुए कहा कि सांप्रदायिक तनाव को रोका जाना चाहिए। यात्रा के प्रदेश में पहुंचने परकड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं। द्रमुक ने यह मसला राज्य विधानसभा में उठाया और कार्यवाही रूक गयी । बाद में विपक्ष के नेता एम के स्टालिन और उनकी पार्टी के अन्य सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया गया।

इस पर स्टालिन पार्टी विधायकों के साथ विधानसभा के निकट धरने पर बैठ गए लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया और एक इमारत के भीतर रखा गया । हालांकि बाद मेंसब को रिहा कर दिया गया।

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