केंद्रीय बजट राजस्व घाटा मामला : केंद्र को कोर्ट में घसीट सकता है आंध्र प्रदेश

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अमरावती, 14 फरवरी (वेबवार्ता)। आंध्र प्रदेश की तेदेपा सरकार ने राज्य के लिए केंद्रीय बजट में अपर्याप्त आवंटन को लेकर खुले तौर पर अपनी आवाज उठायी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार केंद्रीय आवंटन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को उच्चतम न्यायालय ले जाने की योजना बना रही है। राज्य के लिए धनराशि आवंटन के मुद्दे को लेकर सहयोगी दलों तेदेपा और भाजपा के बीच संबंधों में खिंचाव आ गया है। तेदेपा के सांसदों ने इस महीने के शुरू में इस मुद्दे को संसद में जोरदार तरीके से उठाया था।

राज्य सरकार गत सप्ताह एक अवमानना याचिका दायर कर चुकी है। इस याचिका में उसने भाजपा नीत राजग सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच सम्पत्तियों के वितरण में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया है। राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विवाद का मुख्य मुद्दा वह राजस्व घाटे की मात्रा है जिसे केंद्र द्वारा पाटे जाने की जरूरत है।

अधिकारी ने कहा कि राज्य ने 2014…2015 (एकीकृत आंध्र प्रदेश के बंटवारे के बाद) के लिए 16,078.76 करोड़ रूपये का राजस्व घाटा होने का हिसाब लगाया था जबकि केंद्र ने 2,303 करोड़ रूपये का अनुदान जारी किया। इससे शुद्ध राजस्व घाटा 13,775.76 करोड़ रूपये पर आ गया। आंध प्रदेश के राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष कुटुंब राव ने कहा, ‘‘इस शेष घाटे में से केंद्र ने 3,979.50 करोड़ रूपये जारी किये। भारत सरकार का अब कहना है कि राज्य की कुल पात्रता केवल 4,117.89 करोड़ रूपये है।’’

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