माकपा की सियासी रणनीति में बोले डी राजा, अपने आप में है विरोधाभासी

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New Delhi: CPI member D Raja and his wife Annie Raja at Parliament house during the monsoon session in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Singh(PTI8_11_2016_000067A)

नई दिल्ली, 14 फरवरी (वेबवार्ता)। भाकपा नेता डी राजा ने माकपा की सियासी रणनीति को अपने आप में विरोधाभासी बताते हुये कहा है कि देश के सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के साथ आपसी समझ विकसित किये बिना भाजपा विरोधी मतदाताओं में भरोसा पैदा करना नामुमकिन होगा। राजा ने माकपा द्वारा कांग्रेस से समान दूरी बनाते हुये भाजपा को परास्त करने की सियासी रणनीति को विरोधाभासी बताते हुये कहा कि इससे वामदलों और अन्य लोकतांत्रिक ताकतों के लिये कांग्रेस के बिना भाजपा को हराना असंभव होगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ के बिना भाजपा विरोधी मतदाताओं का अधिकतम मतदान सुनिश्चित कर पाना संभव नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि माकपा के 22वें राष्ट्रीय सम्मेलन के लिये आज जारी राजनीतिक प्रस्ताव में भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी बनाते हुये सांप्रदायिक ताकतों को परास्त करने का संकल्प व्यक्त किया गया है। राजा ने इस प्रस्ताव को अपने आप में विरोधाभासी बताते हुये कहा कि गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भाजपा को हराने वाली प्रमुख राजनीतिक ताकत कांग्रेस है। ऐसे में वामदलों एवं अन्य लोकतांत्रिक दलों को कांग्रेस के साथ आपसी समझ कायम करना अपरिहार्य होगा।

राजा ने बिहार का उदाहरण देते हुये कहा कि राजद जदयू और कांग्रेस ने मिलकर राज्य में भाजपा को हराया था जबकि वामदलों ने वहां अकेले चुनाव लड़ा था। उन्होंने राज्य विशेष की अलग परिस्थिति का हवाला देते हुये कहा कि माकपा को देश के मौजूदा हालात को देखते हुये देश भर में कांग्रेस से दूरी बनाने की अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिये। उन्होंने कहा कि समय की मांग को देखते हुये माकपा को राज्यों की परिस्थितियों के अनुसार हर राज्य के लिये अलग रणनीति बनाने की जरूरत है।

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