किसानों व मजदूरों को मिले उसका जायज अधिकार और हिस्सा : गंगेश्वरदत्त शर्मा

0
46

नोएडा, 09 जुलाई (वेबवार्ता)। मजदूरों पर बढ़ते जुल्म व अन्याय के खिलाफ और दिल्ली के बराबर न्यूनतम वेतन 13,896 रूपया लागू करवाने एवं एनसीआर क्षेत्र के लिए अलग वेजवोर्ड का गठन, स्कीम वर्कस, आंनवाड़ी आशा इत्यादि को कर्मचारी घोषित करने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा आदि मांगों पर 20 जुलाई 2018 को होने वाली जिले के मजदूरों की हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीटू संगठन द्वारा चलाये जा रहे अभियान के तहत सोमवार 9 जुलाई 2018 को नोएडा शहर में कई स्थानों पर दिल्ली जन नाट्य मंच के कलाकारों ने हड़ताल के समर्थन में नुक्कड नाटक कर मजदूरों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। सैक्टर-11, नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में नुक्कड सभा/नुक्कड नाटक के अवसर पर जुटे मजदूरों को सम्बोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वरदत्त शर्मा ने बढ़ती मंहगाई बेरोजगारी के चलते मजदूरों हो रही दयनीय स्थिति को रेखाकित किया और योगी एवं मोदी के सेमसंग कम्पनी के उद्धाटन के अवसर पर नोएडा आगमन पर बोलते हुए कहा कि सेमसंग कम्पनी का विस्तार हो रहा है यह तो स्वागत योग्य कार्य है और इसका लाभ जिले को मिलेगा लेकिन सरकार को चाहिये कि आद्योगिककरण करते समय मजदूरों किसानों के हक अधिकारों का ध्यान रखा जाये और जमीन अलाटमेंन्ट करते समय और लाईसेंस देते समय यह प्रावधान किया जाये कि स्थानीय नोजवानों को नौकरी और श्रम कानूनों का प्रतिपालन करने की गारन्टी होनी चाहिये उन्होंने कहा कि मल्टीनेशनल कम्पनियों में कर्मचारियों को जबरदस्त शोषण होता है सेमंसन में भी श्रम कानूनों का उल्लंधन करते हुए 1000 से अधिक मजदूरों को ठेकेदारी में रखा हुआ है। जिन्हें स्थाई श्रमिकों के समान वेतन व सुविधाऐं नहीं मिलती है और उन्हें बोनस जैसी न्यूनतम सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। इतना ही नहीं कर्मचारियों को संगठित होने/यूनियन बनाने से बंचित रखा जा रहा है। जब भी मजदूरों ने संगठित होकर यूनियन बनाने का प्रयास किया उन्हें दमन के आधार पर उन्हें दबा दिया गया तथा जिन श्रमिकों ने यूनियन बनाने की अगुवाई किया उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार की गलत आर्थिक उदारीकरण की नीतियों के चलते मंहगाई बेरोजगार व आमजन का उत्पीड़न बढ़ा है। क्योंकि विकास एक तरफा है जिसके चलते अमीर और अधिक अमीर होते जा रहे है और गरीब से गरीब हो रहे है। उन्होंने मांग किया कि औद्योगिककरण व विकास और मुनाफे में किसानों-मजदूरों को उसका जायज हक अधिकार और हिस्सा मिलने की गारंटी सुनिश्चित की जाये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here