‘जल और शांति’ विषय पर सेमीनार का हुआ आयोजन

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फरीदाबाद, 13 मार्च (वेबवार्ता)। वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को विवेकामंद मंच की ओर से ‘जल और शांति’ विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यवक्ता के रूप में विश्व प्रसिद्ध जल सरंक्षणक (वाटर मैन ऑफ इंडिया) डॉ. राजेंद्र सिंह मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर नदियों का संरक्षण, विस्तार और जीर्णोद्धार करना चाहते हैं, तो खुद को नदियों से जोड़ना होगा।

उन्होंने बताया कि वह अपने जीवन में छह नदियों का जीर्णोंद्धार कर चुके हैं। इसके लिए एक सही ज्ञान प्रणाली का होना जरूरी है। एक ग्रामीण के माध्यम से उन्हें जल संरक्षण की स्वदेशी तकनीक का ज्ञान हुआ। उनका मानना है कि भू-जल विज्ञान के संबंघ में विशेषज्ञों से बेहतर ज्ञान ग्रामीणों को होता है। भारत समुदाय संचालित विकेंद्रीकृत जल प्रबंधन प्रणाली में माहरथ हासिल कर सकता है, यदि वह स्वदेशी ज्ञान प्रणाली को बेहतर ढंग से प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जल संसाधन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा। नदियों के जीर्णोंद्धार से पहले हमें जलवायु परिवर्तन के मूल कारणों का समाधान करना होगा।

नदियों को जोड़ने की परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने की बजाए हमें अपने मस्तिष्क और हृदय को नदियों से जोड़ने की जरुरत है। हमें देश को सूखे और बाढ़ से मुक्त करना है, तो हमें खुद को जल के साथ जोड़कर चिंतन करना होगा। भारत नीर, नारी और नदी को सम्मान देकर ही विश्व शक्ति बना। अब उनके सम्मान के लिए प्रति संवेदनशील नहीं रहे। इस दौरान उन्होंने विश्व के पर्यावरण संगठनों के मुख्य एजेंडे में जल को लाने के लिए अपने संघर्ष विषय में भी जानकारी दी।

इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि जल संरक्षण एक महत्वपूर्ण विषय है। इस पर चर्चा की जरूरत है। पानी का स्तर लगातर गिरते जा रहा है, वह कई जहों का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। इस मौके पर बालाजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्राचार्य डॉ. जगदीश चौधरी ने गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त की। इस अवसर पर ‘जल और शांति’ शीर्षक पर एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस मौके पर प्रो. संदीप ग्रोवर, कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा, संयोजन डॉ. प्रदीप कुमार और डॉ. सोनिया बंसल मौजूद रही।

लेखन व भाषण प्रतियोगिता आयोजित : इस दौरान स्लोगन लेखन और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के हितेश्वर मेहला प्रथम स्थान पर रहे। जबकि दूसरे स्थान पर वंदना रही। भाषण प्रतियोगिता में तनिशा प्रथम और अभिनव द्वितीय स्थान पर रहे। विजेताओं को नकद पुरस्कार तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

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