20 लाख की फिरौती के लिए मार दिया था मासूम को, अरेस्ट

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नई दिल्ली, 13 फरवरी (वेबवार्ता)। उत्तर पश्चिमी जिले के स्वरूप नगर इलाके में एक माह पहले लापता हुए बच्चे का शव मिला। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तर पश्चिमी जिले की डीसीपी असलम खान के अनुसार आरोपी की पहचान अवधेश (28) के रूप में हुई है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार करण सिंह (33) परिवार के साथ नत्थुपुरा स्थित हरिजन बस्ती में रहते हैं। करण का अपना निजी कारोबार है। डीसीपी के अनुसार गत सात जनवरी को करण का बेटा आशीष उर्फ आशु (7) घर से लापता हो गया। परिवार वालों ने पहले उसे इधर-उधर काफी खोजा। नहीं मिलने पर मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लते हुए तुरंत केस दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की।

पुलिस के अनुसार आरोपी अवधेश ने पूछताछ में बताया कि उसने गत सात जनवरी की शाम करीब सवा पांच बजे बच्चे को अगवा किया और अपने कमरे में ले आया। कमरे में लाते ही उसने बच्चे की हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक की पन्नी में डालकर उसे अटैची में डाल दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी अवधेश मूलत: ऐटा का रहने वाला है। पीड़ित परिवार मैनपुरी के रहने वाले हैं। गांव की रिश्तेदारी होने के कारण वह करण के पिता को चाचा बुलाता था। वह दिल्ली आठ साल पहले आया। कुछ वर्ष तक वह करण के घर में रहा। उसके बाद उसने करण के पड़ोस में किराए का मकान लिया और रहने लगा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हत्या करने के बाद पीड़ित परिवार से 20 लाख रुपए मांगने वाला था। उसे पता था कि इतनी रकम पीड़ित परिवार आराम से दे देंगे, क्योंकि करण की तीन दुकानें थीं।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी तीन बहनें हैं। वह तीनों बहनों की शादी करना चाहता था। लेकिन वह काफी समय से बेरोजगार था। इसलिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया। रुपए मिलने के बाद वह अपनी बहनों की शादी करता। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अवधेश ने करण के परिवार वालों को बताया था कि वह सीबीआई में कार्यरत है। वह सुबह ही घर से निकल जाता था और रात को घर आता था। पूरी कॉलोनी वाले उसे सीबीआई का अफसर समझते थे। पुलिस के अनुसार कुछ माह पहले ही भलस्वा डेयरी से एक बच्चा गायब हुआ था। उसे खोजने के लिए पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी की मदद ली थी। पुलिस ने उक्त सीसीटीवी की फुटेज से बच्चे को खोज भी निकला था। आरोपी जिस कॉलोनी में रहता है। वहां काफी सारे सीसीटीवी लगे हुए थे। आरोपी को डर था कि वह अगर शव को लेकर बाहर जायेगा तो वह सीसीटीवी में कैद हो जायेगा और पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी। इस डर से उसने बच्चे के शव को घर में ही रखा।

मामले को सुलझाने में पुलिस को ज्यादा समय इसलिए लगा कि, एक तो परिवार वालों ने किसी पर कोई शक नहीं जताया था। साथ ही आरोपी अवधेश परिवार के साथ बार-बार थानों के चक्कर काट रहा था। साथ ही उसने ही पुलिस में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस के अनुसार एक माह तक शव घर में होने के कारण उसमें से बदबू आना शुरू हुई। आरोपी ने बच्चे के शव को पन्नी में डालकर बंद किया था| इसलिए उसमें ज्यादा बदबू नहीं आ रही थी। इस बीच परिवार के लोग आरोपी के घर आये तो उन्होंने बदबू का कारण पूछा तो आरोपी ने बताया कि घर में चूहा मरा हुआ है। उसने परिवार को मरा हुआ चूहा भी दिखाया। घर में उसने करीब 8-10 चूहे मार भी रखे थे।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी है। अभी भी वह लगातार उसी की तैयारी कर रहा था। काफी खोजबीन के बाद दो दिन पूर्व ही आशीष के पिता ने अवधेश पर शक जताया। जिस पर पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब छह बजे अवधेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह इधर-उधर की कहानी बताने लगा। लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया।

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