गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की दर्शनी डियोढ़ी का नाम भाई रणधीर सिंह के नाम पर रखा जायेगा

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-भाई साहिब ने शहीदे आजम भगत सिंह को वापस सिक्खी में लाने का बड़ा कार्य किया था : जी.के.

नई दिल्ली, 13 फरवरी (वेबवार्ता)। अखण्ड कीर्तनी जत्थे के संस्थापक भाई रणधीर सिंह के नाम पर गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की दर्शनी डियोढ़ी का नाम रखा जायेगा। इस बात का ऐलान आज दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के. ने जत्थे के मुख्य सेवादार भाई अरविन्दर सिंह के नेतृत्व में आए शिष्टमंडल के साथ मुलाकात के बाद किया। दरअसल 1914 में अंग्रेज हकूमत ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की दीवार को ढहा कर वाईसराय भवन का विस्तार करने का ऐलान किया था। जिसका भाई रणधीर सिंह एवं साथी सिंहों ने मोर्चा लगाते हुए डटकर विरोध किया था। जिसके चलते वाईसराय को पीछे हटना पड़ा था। इसके साथ ही बीते दिनों जी.के. ने दिल्ली विधानसभा के स्पीकर को भाई रणधीर सिंह की तस्वीर विधानसभा गैलरी में लगाने के लिए ज्ञापन भी भेजा था। जिसका धन्यवाद करने के लिए उक्त शिष्टमंडल विशेष तौर पर यहां आया था।

भाई अरविन्दर सिंह ने जी.के. का धन्यवाद करते हुए कहा कि भाई रणधीर सिंह के गौरवशाली इतिहास की कद्र करते हुए दिल्ली कमेटी ने विधानसभा गैलरी में भाई रणधीर सिंह की तस्वीर लगाने की जो मांग की है वह बिलकुल दुरूस्त है। हम दिल्ली कमेटी द्वारा अपने दफ्तर में भाई रणधीर सिंह की तस्वीर लगाने का भी धन्यवाद करते हैं क्योंकि जी.के. की कमेटी से हमें बहुत उम्मीदें हैं और वे हमारे जत्थे को दिल से प्यार करते हैं। इसलिए हम भाई साहिब के नाम पर गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के गेट का नाम रखने का ज्ञापन भी साथ लाये हैं।

जी.के. ने कहा कि भाई साहिब ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की दीवार का ही सिर्फ मोर्चा नहीं लगाया था बल्कि जंगे आजादी की लड़ाई में उम्रकैद की सजा काटने के दौरान शहीदे आजम भगत सिंह को वापस सिक्खी में लाने का भी बड़ा कार्य किया था। इसलिए ऐसे स्वतंत्रता सेनानी एवं धर्म रक्षक भाई रणधीर सिंह के नाम पर गुरुद्वारा साहिब की संसद भवन वाली दर्शनी डियोढ़ी का नाम भाई साहिब के नाम पर रखने का प्रस्ताव कार्यकारणी बोर्ड में पेश किया जायेगा। दर्शनी डियोढ़ी का नाम भाई साहिब के नाम पर रखकर हम स्वयं को सम्मानित महसूस करेंगे। इस अवसर पर जत्थे द्वारा जी.के. एवं धर्मप्रचार कमेटी के चेयरमैन परमजीत सिंह राणा का सम्मान भी किया गया।

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