अनिंदो व मनोज दिल्ली के नए अतिरिक्त मुख्य सचिव, बढ़ सकती है आप सरकार की मुश्किल

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नई दिल्ली, 12 जुलाई (वेबवार्ता)। उपराज्यपाल और सरकार के बीच अधिकारों की जंग व सरकार और मुख्य सचिव के बीच विवाद के बीच दिल्ली में दो अतिरिक्त मुख्य सचिवों की नियुक्ति की गई है। केंद्रीय गृह मंत्राालय ने मंगलवार देर शाम इस आशय का आदेश जारी कर दिया। इस संबंध में उपराज्यपाल अनिल बैजल और दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को भी सूचना भेजी गई है। बताया जाता है कि दिल्ली सरकार ने ही 16 मार्च 2018 को गृह मंत्रालय से इस बाबत मांग की थी।

गृह मंत्रालय के अवर सचिव मनोज कुमार झा की ओर से जारी आदेश में एजीएमयूटी कैडर के 1985 बैच के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी अनिंदो मजूमदार को दिल्ली सरकार में नया अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। मजूमदार हाल ही में अंडमान निकोबार द्वीप समूह से दिल्ली सरकार में स्थानांतरित किए गए थे। अभी वह वित्त आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

इसी तरह पुडुचेरी के मुख्य सचिव रहे 1986 बैच के एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मनोज परीदा को भी गत वर्ष नवंबर में दिल्ली सरकार में स्थानांतरित किया गया था। उन्हें भी दिल्ली सरकार में नया अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। मौजूदा समय में परीदा गृह और लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार में पहली बार अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति की गई है। यह पद राज्यों में तो होता है, लेकिन केंद्र शासित प्रदेशों में नहीं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए गृह मंत्रालय ने पहली बार यह पद सृजित किया है।

अनिंदो वही आइएएस अफसर हैं, जो 2015 में दिल्ली में प्रधान सचिव (सर्विसेज) थे। उस समय दिल्ली सरकार ने उन्हें बेइज्जत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। एक समय उनके कार्यालय में ताला तक जड़ दिया गया था। उस समय केजरीवाल सरकार ने अनिंदो के स्थान पर राजेंद्र कुमार की नियुक्ति कर दी थी, लेकिन तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग ने राजेंद्र कुमार की नियुक्ति को रद कर दिया था। उसके बाद सरकार ने अनिंदो के दफ्तर पर ही ताला लगवा दिया था। उपराज्यपाल के निर्देश पर अनिंदो ने वरिष्ठ आइएएस शकुंतला गेमलीन को कार्यवाह मुख्य सचिव नियुक्त किया तो भी सरकार उनसे नाराज हो गई। मुख्यमंत्री ने इसकी शिकायत राष्ट्रपति तक से की थी। उसके बाद अनिंदो लंबी छुट्टी पर चले गए थे। उनके समर्थन में 45 अन्य अफसरों ने भी छुट्टी की अर्जियां लगा दी थीं।

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