सरस्वती-वंदना

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-बी.के.गुप्ता ‘हिन्द’-

हे मां सरस्वती तू, ज्ञान की दाता है।
जय मां सरस्वती तू, ज्ञान की दाता है।।
अज्ञान के सागर में, तू भाग्य विधाता है।
हे मां सरस्वती तू, ज्ञान की दाता है।।
हम वंदे है तेरे, तेरी पूजा करते है।
अज्ञान मिटाने को आराधना करते है।।
हे मां सरस्वती तू, ही एक उजालो हैं।
हे मां सरस्वती तू, ज्ञान की दाता है।।
तू श्वेतवर्णी है मां, तू कमलधारिणी है।
तेरे हाथ में वीणा, संसार तारणी है।।
हे मां सरस्वती तू, वीणा वादिनी है।
हे मां सरस्वती तू, ज्ञान की दाता है।।

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