विदा वर्ष 2017

0
188

-सुशील शर्मा-

साल 2017

तुम उतर गए खूंटी से

पर मुझे दे गए बहुत कुछ।

बहुत प्यारी यादें।

बहुत प्यारे अपने

छोटों का स्नेह

बड़ों का आशीर्वाद।

शिक्षा में अध्यापन

साहित्य में सृजन।

समाज में अपनापन।

तुम्हारी ये विरासत

संभाल कर रखूँगा

और सौंप दूंगा

आनेवाले कल को।

विदा जाओ हे साल

तुम हमेशा रहोगे

मेरे स्मृति पटल पर अंकित

शुभ्र चाँद की तरह।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here